
पर्यटन नगरी धर्मशाला में यातायात नियमों का उल्लंघन करना न केवल जेब पर भारी पड़ेगा, बल्कि उल्लंघन करने वालों को अपना कीमती समय भी देना होगा। उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला की डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने एक नई पहल शुरू की है। इसमें ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को अब ट्रैफिक वालंटियर के रूप में सड़कों पर तैनात किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि उल्लंघनकर्ताओं में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। पुलिस प्रशासन ने इस नई व्यवस्था के लिए दो शिफ्ट तय की हैं। पहली शिफ्ट सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और दूसरी दोपहर 2:00 बजे से रात 8:00 बजे तक होगी। नियम तोड़ने वाले व्यक्ति को पुलिस की रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनकर चौराहे पर ट्रैफिक संभालना होगा। प्रशासन का मानना है कि जब कोई व्यक्ति खुद सड़क पर खड़ा होकर जाम और अव्यवस्था का सामना करेगा तो उसे नियमों के महत्व का बेहतर अहसास होगा।
पर्यटन सीजन के दौरान धर्मशाला की सड़कों पर वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग के कारण लगने वाले जाम से न केवल स्थानीय लोगों और पर्यटकों को असुविधा होती है, बल्कि ईंधन की खपत बढ़ने से आर्थिक नुकसान भी होता है। नई व्यवस्था से उम्मीद है कि लोग चालान के डर से ज्यादा सड़क पर ड्यूटी देने के संकोच से नियमों का पालन करेंगे।
यदि कोई सरकारी कर्मचारी नियम तोड़ता है तो उसे बाकायदा कार्यालय से छुट्टी लेकर यह अनिवार्य सेवा देनी होगी। धर्मशाला में अक्सर सड़क किनारे खड़ी महंगी और लग्जरी गाड़ियां जाम का मुख्य कारण बनती हैं। बार-बार चालान होने के बावजूद कई रसूखदार लोग नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने से वाज नहीं आ रहे। इन गाड़ियों को क्रेन से हटाने में तकनीकी दिक्कतें और वाहन को नुकसान पहुंचने का डर रहता है। इससे पुलिस और वाहन मालिक के बीच विवाद होता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में अब सोशल पुलिसिंग का यह रास्ता निकाला गया है।
इस व्यवस्था में वाहन मालिकों को चेतावनी के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया जाएगा। नियम तोड़ने पर उन्हें निर्धारित समय के लिए ट्रैफिक वालंटियर बनना होगा। इसके साथ ही दुर्घटना मुक्त अभियान भी शुरू कर रहे हैं, ताकि वाहन चालकों को जागरूक किया जा सके।– सौम्या सांबशिवन, डीआईजी, उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला
