हिमाचल में 1.80 लाख कुत्ते, 77 हजार लावारिस, तीन वर्षों में 3,26,170 लोगों को काटा

Spread the love

हिमाचल प्रदेश में कुत्तों की संख्या 1.80 लाख है। इनमें 77 हजार लावारिस कुत्ते हैं। ये आंकड़ा राज्य अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग की वार्षिक रिपोर्ट में जारी किया गया था। प्रदेश में कई लोग ऐसे हैं जो कुत्तों का पंजीकरण ही नहीं करवाते। इस कारण भी कुत्तों की वास्तविक संख्या का पता नहीं चल पाता। हिमाचल में तीन वर्ष में 31 अक्तूबर 2025 तक 3,26,170 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इनमें रैबीज से संदिग्ध मौतों की संख्या 11 रही। सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के मामले में दिया बेहद अहम फैसला

बता दें, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बेहद अहम फैसले में कहा कि रेबीज से संक्रमित, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या अत्यधिक आक्रामक व खतरनाक कुत्तों को कानून के तहत मृत्यु दी जा सकती है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि संविधान के तहत गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार में कुत्ते के हमलों के डर या खतरे के बिना स्वतंत्र रूप से घूमने का हक भी शामिल है।

शीर्ष अदालत ने अपनी तरह के पहले इसे आदेश में कहा कि जब इन्सानों के जीवन व सुरक्षा की तुलना कुत्तों के कल्याण व हित से की जाएगी, तो संविधान के तराजू का पलड़ा हमेशा ही और एकमत से मानवीय जीवन की सुरक्षा के पक्ष में झुका रहेगा

।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की शीर्ष पीठ ने लावारिस कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसी जगहों से हटाने और उनकी नसबंदी करने संबंधी अपने नवंबर, 2025 के आदेश को वापस लेने या बदलाव करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि कुत्तों के काटने की बेकाबू घटनाएं जीवन को गंभीर रूप से पीछे धकेल सकती हैं। हम डार्विन के सिद्धांत वाले युग में नहीं लौट सकते।

पीठ ने लावारिस कुत्तों को वापस न छोड़ने का निर्देश बरकरार रखते हुए भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया को चुनौती देने वाले आवेदनों को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि अस्पतालों, स्कूलों व अन्य सार्वजनिक संस्थानों के आसपास लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *