
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों के बीच इस बार जिला परिषद की चुनावी जंग बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठापूर्ण बन गई है। कई बड़े राजनीतिक परिवारों के सदस्यों के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला और भी रोचक हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के वरिष्ठ नेता अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा, कुल्लू से पूर्व सांसद महेश्वर सिंह की बहू तथा मंडी के कांग्रेस नेता सोहन लाल के भतीजे के जिला परिषद चुनाव मैदान में उतरने से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।किरनेश जंग के बेटे और सुखराम चौधरी के भतीजे चुनावी मैदान में
जिला सिरमौर के पाललियों वार्ड से पूर्व विधायक किरनेश जंग के बेटे अरिकेश जंग और पूर्व भाजपा मंत्री सुखराम चौधरी के भतीजे चरनजीत सिंह भी चुनावी मुकाबले में हैं। वहीं, जिला शिमला में कांग्रेस के तीन मंत्रियों रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। इन नेताओं ने अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है और उनके समर्थन में जोरदार प्रचार कर रहे हैं।शिमला जिले में इन मंत्रियों के समर्थित लड़ रहे चुनाव
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के जुब्बल-कोटखाई विस क्षेत्र में कांग्रेस समर्थित मीनाक्षी गाजटा और भाजपा समर्थित रचना नेगी चुनाव मैदान में हैं। कलबोग वार्ड से कांग्रेस समर्थित रेखा चौहान और भाजपा समर्थित नीना चौहान और सरस्वती नगर वार्ड से कांग्रेस समर्थित नेहा और भाजपा की श्वेता में कांटे की टक्कर मानी जा रही है। इसी तरह पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के चम्याणा वार्ड से कांग्रेस समर्थित भूपेंद्र कंवर और भाजपा समर्थित कुशल विक्रम सैन, बल्देयां वार्ड से कांग्रेस समर्थित ओपी ठाकुर और भाजपा के भरत भूषण चुनाव मैदान में हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में मंत्री अनिरुद्ध सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के शिमला ग्रामीण क्षेत्र से खटनोल वार्ड से कांग्रेस समर्थित ज्योति और भाजपा समर्थित शिवानी ठाकुर मैदान में हैं। हलोग धामी में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कमलेश शर्मा के साथ निर्दलीय उम्मीदवार कविता कंवर मैदान में हैं।पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया चुनाव में उतरीं
जिला परिषद वार्ड टिहरा से पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया चुनाव में उतरी हैं। जबकि इसी वार्ड से पूर्व विधायक स्व. कर्मवीर वर्मा की बहू रजिता कुमारी भी चुनाव लड़ रहीं हैं। जिला परिषद ब्रेयोगी वार्ड में पीसीसी उपाध्यक्ष चेतराम के पुत्र तरुण ठाकुर चुनाव मैदान में हैं। कटौला वार्ड में द्रंग से पूर्व विधायक स्व. दीनानाथ शास्त्री के दोहते शुभम शर्मा चुनाव लड़ रहे हैं। जिला परिषद सलापड़ वार्ड से पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर के भतीजे व पूर्व विधायक शेर सिंह ठाकुर के बेटे मोहित ठाकुर चुनाव मैदान में हैं। कोटली वार्ड से पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी व जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर चुनाव लड़ रही हैं।
पूर्व सांसद महेश्वर सिंह की बहू निर्दलीय दे रहीं टक्कर
जिला परिषद में कुल्लू जिले की मौहल और जेष्ठा वार्ड भी चर्चा में हैं। इस वार्ड से पूर्व मंत्री ठाकुर सत्य प्रकाश की पत्नी चुनावी मैदान में निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रही हैं, उन्हें कांग्रेस ने समर्थन नहीं नहीं दिया। कांग्रेस ने यहां से पूर्व पंचायत प्रधान इशरा देवी को समर्थित उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने निशा को नए चेहरे के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है। ऐसे में यहां पूर्व मंत्री ठाकुर सत्य प्रकाश की प्रतिष्ठा दांव पर है। जेष्ठा वार्ड से पूर्व सांसद महेश्वर सिंह की छोटी बहू निर्दलीय रूप से चुनावी मैदान में हैं, जबकि भाजपा समर्थित कमलेश शर्मा हैं और कांग्रेस ने अंजली शर्मा को समर्थित उम्मीदवार के रूप से उतारा है। ऐसे में जहां पूर्व सांसद के लिए आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरी बहू के लिए प्रचार करना मुश्किल हो गया है।
गायक विक्की चौहान कर रहे पत्नी श्वेता के लिए प्रचार
सरस्वती नगर जिला परिषद वार्ड में भाजपा समर्थित जिला परिषद प्रत्याशी श्वेता चौहान के समर्थन में उनके पति और हिमाचली लोकगायक विक्की चौहान जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। श्वेता चौहान तहसील जुब्बल की अंटी पंचायत के छाजपुर गांव से संबंध रखती हैं।
251 जिला परिषद सदस्यों में 128 सीटें महिलाओं के लिए, प्रदेश में 50,79,048 मतदाता
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद सदस्यों की कुल 251 सीटों में से 128 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के दिग्गजों के परिवार के सदस्य भी चुनाव मैदान में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद सदस्यों के लिए हल्का नीला बैलेट पेपर तैयार किया है। यह इसलिए ताकि लोगों को अगर उम्मीदवारों के नाम का पता नहीं हो तो ऐसी स्थिति में रंग देखकर वोट डाल सकते हैं। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में इस बार 50,79,048 लोग मतदान करेंगे। जिसमें 25,67,770 पुरुष और 25,11,249 महिला मतदाता के अलावा अन्य भी हैं।
