
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शिमला केंद्र ने 22 से 28 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
बुलेटिन के अनुसार 22 जुलाई को चंबा और कांगड़ा में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, ऊना और अन्य जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अगले कई दिनों तक भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि, जलभराव, सड़कें फिसलन भरी होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। बागवानी और कृषि को भी नुकसान पहुंच सकता है।आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हुई। इस दौरान शिमला, बिलासपुर, धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।
किन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
- चंबा
- कांगड़ा
- मंडी
- कुल्लू
- शिमला
- सिरमौर
- ऊना
- बिलासपुर
- हमीरपुर
- सोलन
मौसम विभाग की एडवाइजरी
जरूरत पड़ने पर ही यात्रा करें।
नदी-नालों और खड्डों के पास न जाएं।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा से बचें।
मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें।
प्रशासन की सलाह का पालन करें।
