
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (सीबीटी) को अभ्यर्थियों के लिए और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। आयोग ने ऊपरी हिमाचल में सीबीटी केंद्रों का विस्तार किया है। शिमला और सोलन के बाद अब सिरमौर के पांवटा साहिब में भी नया सीबीटी केंद्र शुरू कर दिया गया है। अगले चरण में प्रदेश के बड़े जिलों में भी उपमंडल स्तर तक सीबीटी केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। इस कदम से अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए अब दूसरे केंद्रों का रुख नहीं करना होगा। प्रदेश में वर्तमान में स्थापित सीबीटी केंद्रों में एक समय में करीब चार हजार अभ्यर्थी परीक्षा दे सकते हैं। हालांकि, ऊपरी हिमाचल में पहले केंद्रों की संख्या और क्षमता सीमित होने के कारण शिमला, किन्नौर, सिरमौर और सोलन के अभ्यर्थियों को निचले हिमाचल के जिलों का रुख करना पड़ता है।
अब नए केंद्र शुरू होने से यह परेशानी काफी हद तक कम होगी। शिमला में अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में दो, कोटशेरा कॉलेज में एक, संस्कृति कॉलेज घणाहट्टी में एक सीबीटी केंद्र संचालित किया गया है। इन केंद्रों में एक समय में 600 अभ्यर्थी परीक्षा दे सकेंगे। वहीं, सोलन में 300 क्षमता का सीबीटी केंद्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा पांवटा साहिब के राजकीय महाविद्यालय में 50 अभ्यर्थियों की क्षमता वाला नया केंद्र भी शुरू हो चुका है।
इससे ऊपरी हिमाचल के युवाओं को निचले जिलों की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। आयोग अब अगले चरण में कांगड़ा, मंडी और शिमला जैसे बड़े जिलों में उपमंडल स्तर पर भी सीबीटी केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को अपने ही क्षेत्र के नजदीक परीक्षा देने की सुविधा मिल सकेगी। आयोग का मानना है कि केंद्रों का विस्तार होने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी।
शिमला में सीबीटी सेंटरों की संख्या बढ़ाई गई है। सोलन और पांवटा साहिब में भी केंद्र संचालित हो चुके हैं। बड़े जिलों में उपमंडल स्तर पर सीबीटी सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह कार्य सीबीटी आयोजित करने वाली कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। -डॉ. विक्रम महाजन, सचिव, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग
