
छात्रा के साथ कथित रैगिंग के मामले में पुलिस ने सोमवार को चार में से तीन आरोपी छात्राओं से थाना परिसर में पूछताछ की। छात्राओं ने रैगिंग करने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोपों से इन्कार किया। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी छात्रा ने जिस सीनियर छात्रा का उल्लेख किया है, उसके संबंध में भी पुलिस जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। मौत से पहले छात्रा का वीडियो मोबाइल से किसने बनाया और कैसे वायरल हुआ, यह भी जांच का विषय बना हुआ है।
पुलिस के अनुसार, यदि जांच के दौरान आवश्यक हुआ तो आरोपी छात्राओं और संबंधित प्रोफेसर का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने पर विचार किया जा सकता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी आगामी दिनों में धर्मशाला का दौरा कर मामले की विस्तृत जांच करेगी। वहीं प्रदेश राज्य महिला आयोग की टीम के भी मंगलवार को धर्मशाला पहुंचने की संभावना है।
संबंधित रिकॉर्ड करीब सात अस्पतालों से एकत्र किए जा चुके हैं। अब पठानकोट स्थित निजी अस्पताल से रिकॉर्ड लिया जाना शेष है। मेडिकल रिपोर्ट्स से ही स्पष्ट होगा कि छात्रा को बीमारी क्या थी और मौत के क्या कारण रहे हैं। सभी अस्पतालों से उपचार से जुड़े रिकॉर्ड और चिकित्सकों के बयान एकत्र होने के बाद प्रदेश सरकार मेडिकल बोर्ड का गठन करेगी। बोर्ड में स्वास्थ्य निदेशक, सीएमओ और मेडिकल कॉलेजों के चयनित विभागाध्यक्षों को शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक रूप से मनोचिकित्सा, मेडिसिन विभाग और पल्मोनोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों को बोर्ड में शामिल करने की तैयारी है।
