
सरकार ने मनरेगा में राज्य में संचालित सिंगल नोडल एजेंसी के खातों को बंद कर दिया है। केवल लंबित मुआवजे के भुगतान और उसकी वसूली से संबंधित खाता ही चालू रखा गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने भी मनरेगा में मजदूरी, सामग्री मद और विलंबित मुआवजे से संबंधित वसूली राशि को लेकर राज्य सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जारी सभी आदेशों को निरस्त करते हुए अब नई व्यवस्था लागू की है।
राज्य स्तर पर संचालित सभी सिंगल नोडल एजेंसी (एसएनए) खाते बंद कर दिए गए हैं। केवल विलंबित मुआवजे के भुगतान और उसकी वसूली से संबंधित खाता ही चालू रखा गया है। ऐसे में अब सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को मजदूरी, सामग्री मद और विलंबित मुआवजे की वसूली की राशि राज्य स्तर पर निर्धारित खातों में ही जमा करनी होगी। ग्रामीण विकास विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को वसूली की गई राशि को निर्धारित बैंक खातों में समय पर जमा करने को कहा है।
इसकी सूचना संबंधित जिला विकास अधिकारियों को भी देनी होगी। विभागीय आदेशों के अनुसार, सभी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अपने-अपने कार्यालयों में एक समुचित रजिस्टर का संधारण करेंगे, जिसमें मजदूरी, सामग्री मद और विलंबित मुआवजे की वसूली से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। जिला विकास कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक माह की 5 तारीख तक राज्य मुख्यालय में जमा की गई राशि का विवरण संकलित करें और हार्ड कॉपी के माध्यम से निदेशालय को भेजें, ताकि खातों का समुचित मिलान और लेखा परीक्षण किया जा सके।
खाता संख्या 50100694206152 में जमा करानी होगी राशि
मजदूरी वसूली के लिए खाता संख्या 50100694206152 निर्धारित की गई है, जिसका नाम वाइस चेयरमैन, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास रोजगार गारंटी सोसायटी वेज रिकवरी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मनरेगा में वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।
