
चर्चित म्यांमार ‘साइबर गुलामी’ मामले में अब हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। भोरंज थाना क्षेत्र के तहत विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध रूप से म्यांमार भेजने और जबरन साइबर गतिविधियों में शामिल करने के आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर भोरंज निवासी एक युवक की शिकायत पर दर्ज की गई है। इससे पहले प्रदेश के तीन अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। शिकायत के अनुसार हमीरपुर जिले के युवक को चंडीगढ़ स्थित एक एजेंट के माध्यम से थाईलैंड भेजा गया था, लेकिन वहां से अवैध तरीके से म्यांमार पहुंचा दिया गया। म्यांमार में इन्हें साइबर गुलामी के दलदल में झोंकते हुए जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर गतिविधियों में शामिल किया गया।
केंद्र सरकार की पहल पर भारतीय वायुसेना की विशेष फ्लाइट के जरिये बीते नवंबर में म्यांमार से करीब 300 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया था। इनमें लगभग 30 युवक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते थे। हमीरपुर जिला के दो युवक इसमें शामिल थे। भारत वापसी के बाद दिल्ली में जरूरी जांच और औपचारिकताएं पूरी कर सुरक्षा एजेंसियों ने सभी को उनके घर भेज दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसियों की सिफारिश पर हिमाचल पुलिस निदेशालय ने मामले में कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। इसी कड़ी में अब भोरंज थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 143(2), 137(2), 111(2), 318(2), 61(2), 62 तथा इमीग्रेशन एक्ट 1983 की धारा 24 के तहत अभियोग दर्ज कर जांच की जा रही है।
