
आपके किसी परिजन या दोस्त का फोन आए और वह मदद के लिए आपसे पैसे मांगे तो सतर्क हो जाइए। मदद करने से पहले एक बार अपने फोन से खुद कॉल कर पड़ताल कर लीजिए। इन दिनों साइबर ठग एआई की मदद से वॉयस स्कैम कर रहे हैं। आवाज की नकल बनाकर फोन कॉल कर पैसों की मांग की जा रही है। पुलिस ने जनता को को वॉयस स्कैम को लेकर सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से लोगों की आवाज की नकल कर परिजनों, दोस्तों या अधिकारियों के नाम पर कॉल कर रहे हैं और आपात स्थिति का हवाला देकर पैसे की मांग रहे हैं। पुलिस ने बताया कि इस तरह की ठगी में अपराधी पीड़ित को घबराने पर मजबूर करते हैं और तुरंत ऑनलाइन ट्रांसफर, यूपीआई या बैंक खाते में पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं।
कई मामलों में ठग खुद को किसी रिश्तेदार, वरिष्ठ अधिकारी या परिचित के रूप में पेश कर विश्वास जीत लेते हैं। तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि आवाज पहचान पाना आम व्यक्ति के लिए मुश्किल हो जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात कॉल या पैसों की मांग को बिना सत्यापन के स्वीकार न करें। यदि किसी परिचित की आवाज में कॉल आए तो पहले इसकी पुष्टि जरूर कर लें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने कहा कि संदिग्ध कॉल आने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें या cyber-crime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि रोके जाने की संभावना बढ़ जाती है।
