
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि पंचायती राज चुनाव के बारे में हाईकोर्ट के फैसले का राज्य सरकार अध्ययन कर रही है। निश्चित रूप से पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाए जाने हैं। पहले भी कह चुके हैं कि सरकार अप्रैल और मई में चुनाव करवाना चाहती है। इस बारे में निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी स्टेक होल्डरों से बातचीत होगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कही।
हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने को तैयार है। सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में चुनाव तैयारियों पर चर्चा की गई। हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेशों पर भी गहनता से मंत्रणा की गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने इस मामले में 20 जनवरी को सरकार के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में बताया गया कि हिमाचल में 65 हजार वोटर है।
वार्डों में पोलिंग स्टेशन स्थापित किए जाने हैं, लेकिन यह पोलिंग स्टेशन परीक्षा खत्म होने के बाद चयनित किए जाएंगे। इसके अलावा 22,000 बूथ स्थापित होंगे। चुनाव में 35 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी है। 20 जनवरी को होने वाली बैठक में पंचायत रोस्टर जारी किए जाने पर चर्चा होनी है। 28 फरवरी से पहले पहले इन सभी प्रक्रिया को पूरा किया जाना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2011 की जनगणना को पंचायत चुनाव आधार मानते हुए तैयारियां की हैं। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद आयोग और सरकार की कसरत शुरू हो गई है।
