
हिमाचल के आईएएस अफसरों और मुख्यमंत्री के दो सलाहकारों को सरकार ने नई लग्जरी गाड़ियां दे दी हैं। इनमें से कुछ की गाड़ियां तीन लाख किमी पूरा चुकी थीं कुछ की नहीं। सचिवालय सामान्य प्रशासन की ओर से ट्योटा कंपनी की पांच इनोवा हाई क्रॉस गाड़ियां खरीदी गईं। कंपनी की इनोवा हाई क्रॉस गाड़ी के टॉप मॉडल की कीमत 32 लाख रुपये तक है। इन गाड़ियों को तीन आला अफसरों और मुख्यमंत्री के दो सलाहकारों के हवाले कर दिया गया है।
नई आई पांच गाड़ियों में से एक गाड़ी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी को दी गई है। एक सीएस के पूल में रखी गई है। तीसरी गाड़ी को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के एक अधिकारी को दिया गया पर उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया। इसके बाद एक अन्य अतिरिक्त मुख्य सचिव के अधिकारी को भी गाड़ी देने की बात हुई, उन्होंने भी इसे लेने से मना कर दिया। बुधवार को यह गाड़ी सचिव स्तरीय अधिकारी ने मांग ली तो सरकार ने उनके हवाले कर दिया और इनकी लाॅटरी लग गई। गाड़ियां मिलने के बाद अफसरों और सलाहकारों ने अब वीआईपी नंबर के लिए जोर आजमाइश भी शुरू कर दी है।
सरकार के आदेशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पांचों गाड़ियां अलॉट कर दी हैं। गाड़ी के लिए पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव रैक के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को पूछा गया। दोनों अधिकारियों ने गाड़ी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जो गाड़ियां उनके पास हैं, वह अभी सही कंडीशन में हैं। इधर, एक सलाहकार की गाड़ी के निर्धारित तीन लाख किलोमीटर पूरे हो गए हैं।
कुछ दिन पहले ही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और तीन मंत्रियों चंद्र कुमार, धनीराम शांडिल और जगत सिंह नेगी को नई फॉरच्यूनर कारें दी जा चुकी हैं। यह मामला भी सुर्खियों में रहा है। अब पांच और ट्योटा कंपनी की इनोवा हाई क्रॉस गाड़ियां खरीदकर अफसरों और सलाहकारों को दी गई हैं।
