
राजधानी शिमला और ऊपरी शिमला के क्षेत्रों में शुक्रवार को हुई बर्फबारी ने जेईई मेन परीक्षा को प्रभावित किया। फिसलन भरी सड़कों और यातायात ठप रहने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके। जेईई मेन परीक्षा का केंद्र शिमला जिले के घणाहट्टी स्थित संस्कृत स्कूल में था, लेकिन मौसम की मार के चलते कई अभ्यर्थी तय समय पर केंद्र में नहीं पहुंच सके।
सुबह से ही शिमला शहर, ठियोग, कोटखाई, नारकंडा, रोहड़ू और चौपाल क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। सड़कों पर जमी बर्फ के कारण कई संपर्क मार्ग बंद रहे, जबकि मुख्य सड़कों पर भी भारी फिसलन बनी रही। ऊपरी शिमला और शिमला शहर से घणाहट्टी परीक्षा केंद्र की ओर आने वाले छात्रों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई छात्रों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि दोबारा परीक्षा कराई जाए।
प्रियांशु नेगी ने बताया कि वह सुबह घणाहट्टी स्थित संस्कृत स्कूल के लिए निकले, लेकिन टॉलैंड के पास सड़क पर जमी बर्फ ने वाहनों की आवाजाही रोक दी। ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण वह समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके। प्रत्युष वर्मा ने कहा कि सड़क पर भारी फिसलन रही, जिससे कई वाहन बीच रास्ते में ही रुक गए। उन्होंने पैदल आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाए।
सुजल नेगी ने बताया कि ऊपरी शिमला से आने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। टॉलैंड क्षेत्र में ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा और सार्वजनिक परिवहन बंद रहने से कई छात्र परीक्षा से वंचित रह गए। निश्का मुल्तानी ने कहा कि उन्होंने परीक्षा की पूरी तैयारी की थी, लेकिन बर्फबारी ने पानी फेर दिया। सड़क पर फिसलन के कारण वाहन बार-बार फिसले और आगे जाना संभव नहीं हो पाया। स्नेहा मिश्रा ने कहा कि जेईई मेन जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल न हो पाना बेहद निराशाजनक है। मौसम से प्रभावित छात्रों के लिए अलग तिथि तय करने की मांग की।
