
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्रियों, विधायकों तथा बोर्ड-निगमों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को सार्वजनिक बयानों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्पष्ट आदेशों के तहत जारी किए गए हैं। एचपीसीसी अध्यक्ष एवं विधायक विनय कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि हाल के दिनों में कुछ नेताओं के सार्वजनिक बयान पार्टी और सरकार की आधिकारिक लाइन के विपरीत पाए गए हैं, जिससे संगठन और सरकार की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। एआईसीसी ने इस अनुशासनहीनता पर कड़ा संज्ञान लिया है और ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू कर दी है।
पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी मंत्री, विधायक या बोर्ड-निगम पदाधिकारी मीडिया, सोशल मीडिया या किसी भी सार्वजनिक मंच से ऐसा कोई बयान नहीं देगा, जो पार्टी और सरकार या पार्टी नेतृत्व के खिलाफ हो। पार्टी के भीतर
मतभेदों को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करना अब सीधे तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाएगा। एचपीसीसी अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी बयान पार्टी या सरकार को नुकसान पहुंचाता है या असहज स्थिति में डालता है, तो बिना किसी पूर्व चेतावनी के तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण या सफाई स्वीकार नहीं की जाएगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि यह निर्देश हर हाल में लागू किए जाएं। विनय कुमार ने पार्टी नेताओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे सभी पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और इस निर्देश का अक्षरशः पालन करते हुए संगठन की एकता, गरिमा और गौरव को बनाए रखेंगे
