हिमाचल की सड़कों पर महिला शक्ति: एचआरटीसी बस में ड्राइवर और कंडक्टर दोनों महिलाएं

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महिलाएं भी अब हर क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं, इसका उदाहरण सुबह 8:00 बजे अंतरराज्यीय बस अड्डा में देखने को मिला। पहली बार परिवहन निगम की बस में चालक और परिचालक के रूप में दो महिलाओं ने एक साथ ड्यूटी निभाई। चालक सीमा ठाकुर और परिचालक मीनू शर्मा की जोड़ी को देख बस में बैठी सवारियां भी आश्चर्य चकित रह गईं। चालक सीमा ठाकुर को हिमाचल की पहली महिला बस चालक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने डीएवी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा के बाद शिमला के कोटशेरा कॉलेज से बीए किया और उसके बाद अंग्रेजी में एमए की डिग्री हासिल की। साल 2016 में शिमला लोकल यूनिट में बतौर चालक अपनी सेवाएं शुरू की हैं। इन दिनों सीमा परिवहन निगम के मंडी बस डिपो में चालक के रूप में कार्यरत है। सोलन स्थित अर्की तहसील के दुधाना गांव की रहने वाली सीमा ठाकुर के पिता भी बस चालक रहे हैं।

पहली बार दोनों महिलाएं चालक व परिचालक के रूप में बस में सवार हुई। सुबह 8 बजे बस अड्डा से रवाना होने पर पौने नौ बजे बल्ह घाटी के राजगढ़ गांव बस पहुंची फिर वहां से वापस 10 बजे दोबारा मंडी बस अड्डा में बस को पहुंचाया। मंडी शहर के लोअर समखेतर के खुआ रानी क्षेत्र की रहने वाली परिचालक मीनू शर्मा ने बताया कि वह बीते दो साल से परिचालक के रूप में सेवा प्रदान कर रही हैं। शुक्रवार को उसकी ड्यूटी राजगढ़ रूट पर लगाई गई थी जबकि चालक सीमा ठाकुर की ड्यूटी सकरोहा रूट पर तय थी लेकिन उसने स्वयं बस अड्डा प्रभारी से सीमा शर्मा की ड्यूटी उनके साथ राजगढ़ रूट पर लगाने का आग्रह किया। बस अड्डा प्रभारी ने आग्रह स्वीकार कर लिया।

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