
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्टेट कैडर के पदों पर तैनात कर्मियों को पूरे प्रदेश में कहीं भी सेवाएं देने के लिए तैयार रहना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में तबादला कोई दंड नहीं है। वहां भी जनता रहती है और उन्हें भी सरकारी सेवाओं की जरूरत है।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने कहा कि यदि जनजातीय क्षेत्रों में पोस्टिंग को अदालतें इसी तरह रद्द करने लगीं, तो जनजातीय क्षेत्रों में तबादला दंड नहीं, वहां पर भी जनता है। सरकार के पास वहां सेवा देने के लिए कोई कर्मी नहीं बचेगा। अधीक्षक ग्रेड-दो पद पर तैनात याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि उनका तबादला जून 2025 में मुबारकपुर हुआ था। अभी उन्होंने वहां अपना सामान्य कार्यकाल पूरा नहीं किया है। इससे पहले उनका तबादला कर दिया गया है।
