
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि केंद्र ने हिमाचल को आपदा राहत के घोषित 1500 करोड़ रुपये नहीं दिए। इसके साथ ही राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करके हिमाचल का हक छीना है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नाहन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने सत्ता संभालने के बाद से हर साल आपदा झेली। प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ प्रदेश में राजनीतिक आपदा का सामना भी सरकार ने डटकर किया है।
2025-26 में भी भयंकर आपदा आई, नौ हजार घर पूरी तरह से नष्ट हुए। सभी को प्रदेश सरकार ने राहत पहुंचाई। घर नष्ट होने वाले प्रभावित परिवारों को 8-8 लाख की राहत राशि दी। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक राशि मंडी में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र में दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष आपदा के बाद यहां का दौरा किया और 1500 करोड़ रुपये राहत राशि देने की घोषणा की गई, लेकिन यह राशि आज तक प्रदेश को नहीं मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक फरवरी, 2026 प्रदेश के इतिहास का काला दिन है, जब केंद्र सरकार ने राज्य के लोगों को आरडीजी के रूप में प्रति वर्ष मिलने वाली 10 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता बंद कर दी। हिमाचल एक छोटा राज्य है, इसके आय के साधन सीमित हैं। उन्होंने कहा हम पंजाब के खेतों को सींचते हैं, उत्तर भारत को पानी देते हैं, जंगलों को बचा कर रखते हैं, इसके बावजूद हिमाचल के अधिकारों का ध्यान नहीं रखा गया। सीएम ने कहा कि हमने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के नेतृत्व में हिमाचल के अधिकारों के लिए दिल्ली जाने को तैयार हैं, लेकिन भाजपा विधायक विधानसभा सत्र में नारे लगाते रहे।
