
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और हिमपात का दौर जारी है। इससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वीरवार को लाहौल, कुल्लू, शिमला और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। इससे ऊपरी इलाकों में जनजीवन प्रभावित है।
वहीं, मौसम विभाग ने शुक्रवार को मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि 23 मार्च को कुल्लू, सोलन और बिलासपुर में येलो अलर्ट रहेगा। शनिवार और रविवार को मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जारी हुआ है। वीरवार को कुल्लू, लाहौल स्पीति, कांगड़ा, चंबा और शिमला जिला समेत अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ।
मनाली में 53, तीसा में 33 और सराहन में 32.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। वहीं केलांग, गोंदला और कुकुमसेरी में 10 से 13 सेंटीमीटर तक हिमपात हुआ। मौसम के असर से सड़कों की आवाजाही प्रभावित रही। मनाली से केलांग के बीच केवल फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही हो रही है, जबकि जलोड़ी दर्रा आंशिक रूप से प्रभावित है।
बारिश-बर्फबारी से तापमान में गिरावट : प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज किया गया। शिमला में 12.6, धर्मशाला में 17, भुंतर में 15.4 और ऊना में 17.6 अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। सबसे अधिक तापमान नाहन में 21.8 रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को भी बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
अटल टनल में तीन फीट बर्फ, वाहनों की आवाजाही बंद
वहीं, वीरवार शाम से ही मनाली में लगातार बारिश हो रही है, जबकि उन्हें इलाकों में बर्फबारी का दौर चल रहा है। अटल टनल रोहतांग में लगभग तीन फीट बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के कारण लाहौल की ओर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। मनाली से पलचान तक ही वाहनों को भेजा जा रहा है। इससे आगे सोलंगनाला तक सिर्फ फॉर बाई फॉर वाहन ही भेजे जा रहे है। इसके अलावा जगह जगह भूस्खलन से भी दिक्कतें बढ़ गई है। कुल्लू मनाली वामतट मार्ग पर अलेउ के समीप दंगा गिरने से सड़क अवरुद्ध है। इस वजह से सड़क पर लंबा जाम लग गया है।
जालंधर-मंडी अटारी वाया धर्मपुर-कोटली सड़क पर चलाल कैंची मोड़ के पास शुक्रवार को अचानक सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक लंबा जाम लगा रहा, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा बंद हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दोपहिया वाहन चालकों को भी रास्ता निकालना मुश्किल हो गया।
जाम में फंसे यात्रियों ने प्रशासन से जल्द राहत की मांग की। स्थानीय लोगों राजकुमार, संतोष कुमारी, रामसिंह, बबली देवी, कांता देवी, मीना देवी ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। बरसात के मौसम में इस स्थान पर अक्सर मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे बार-बार यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग उठाई है। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल ने बताया कि संबंधित निर्माण कम्पनी के अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर सड़क को बहाल करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए जल्द से जल्द मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जाएगा। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग पर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से निजात मिल सके।
