
मानसून आने वाला है और धर्मपुर में फिर वही पुराना डर लौट आया है। नेशनल हाईवे निर्माण के दौरान नालों और खड्डों में डंप मलबा डंप किया गया है। यही मलबा भारी बारिश में बड़ी तबाही की वजह बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार भी समय रहते कदम नहीं उठाए तो वर्ष 2025 जैसी तबाही आ सकती है।
सरोली, बनाल नाला, रियूर नाला सहित कई जगह पर मलबा खुले तौर पर फैला हुआ है। कई नालों का प्राकृतिक बहाव बाधित हो चुका है और हल्की बारिश में भी पानी का रास्ता रुकने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से निर्देश तो जारी होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई न के बराबर है। पिछली तबाही की तस्वीरें अभी भी लोगों के जेहन में हैं।
पिछले साल भारी बारिश में एनएच निर्माण का मलबा बहकर नालों में जमा हो गया था और अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। उस दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी, करीब 20 एचआरटीसी बसें और दर्जनों निजी वाहन पानी और मलबे की चपेट में आ गए थे। धर्मपुर बाजार तक इसका असर पहुंचा था।उस घटना के बाद उम्मीद थी कि सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। कई संवेदनशील स्थानों पर अभी भी डंगे और सुरक्षा कार्य अधूरे पड़े हैं, जिससे बरसात में जोखिम और बढ़ गया है। इसी बीच लोग फिर प्रशासन और निर्माण एजेंसी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। साथ ही उनमें डर भी साफ झलक रहा है। लोगों का कहना है कि हर साल चेतावनी दी जाती है, लेकिन जमीन पर सुधार नहीं दिखता।
स्थानीय निवासी गायत्री दत्त ने कहा कि प्रशासन बरसात को ध्यान में रखते हुए समय रहते कदम उठाए अन्यथा तबाही होना निश्चित है। बलवंत शर्मा ने कहा कि पिछली बरसात में भारी तबाही हुई है। प्रशासन समय रहते अब भी सतर्क न हुआ तो भारी नुकसान हो सकता है। धर्मपुर के एसडीएम जोगिंद्र पटियाल ने कहा कि एनएच कंपनी को मलबा हटाने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।
खड्डों-नालों में मलबा डंप किया जा रहा है। यही मलबा बरसात में बाढ़ आने पर तबाही का कारण बनेगा। प्रशासन समय रहते कार्रवाई करे। –राजकुमार, धर्मपुर
बार-बार प्रशासन व मोर्थ को मलबा डंप करने बारे अवगत करवाया गया है, लेकिन कुछ नहीं हो पाया है। प्रशासन न जाने जागेगा। –अनमोल शर्मा, धर्मपुर
