सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को मिलेगा एनपीए, पीजी छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ा; जानें सबकुछ

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राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान विभाग के तहत काम कर रहे सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर के नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने की मंजूरी दी, जिनके पास मान्यता प्राप्त डीएम, एमसीएच और डीआरएनबी योग्यताएं हैं। कैबिनेट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के तहत काम कर रहे पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी। संशोधित दरों के तहत पहले साल के छात्रों को 40,000 रुपये के बजाय 50,000 रुपये, दूसरे साल के छात्रों को 45,000 रुपये के बजाय 60,000 रुपये और तीसरे साल के छात्रों को 50,000 रुपये के बजाय 65,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड मिलेगा।

आईजीएमसी व टांडा में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) और बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम आरंभ करने को स्वीकृति दी। दोनों संस्थानों में हर पाठ्यक्रम के लिए प्रतिवर्ष 30-30 सीटें निर्धारित की हैं। बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्नातकोत्तर व सुपर स्पेशलिटी (पीजी/एसएस) नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधित नीति के अनुसार स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद जनरल ड्यूटी ऑफिसर्स (जीडीओ) और डायरेक्ट अभ्यर्थी यदि सुपर स्पेशलिटी चमियाना में वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में व आईजीएमसी शिमला को छोड़कर अन्य किसी भी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञता में सेवाएं देते हैं, तो उन्हें अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट प्रदान की जाएगी। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और अन्य मेडिकल कॉलेज में रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञता के अंतर्गत दी गई सेवाओं को फील्ड पोस्टिंग के रूप में मान्यता दी जाएगी।

 ब्लैक स्पॉट की दशा सुधरेगी : बैठक में सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति को स्वीकृति प्रदान की गई। हिमाचल में ब्लैक को चयनित किया जाएगा। इस नीति के तहत हिमाचल की सड़कों को चौड़ा किया जाएगा।

 मानसून सत्र 15 अगस्त के बाद होगा
कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आयोजित किए जाने पर अनौपचारिक चर्चा हुई। इस सत्र को 15 या 20 अगस्त के बाद आयोजित किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सत्र की तिथियां अभी तय नहीं हुई हैं। 

अस्पतालों के लिए उपकरणों की खरीद के लिए भी दी मंजूरी 
प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा निजी डेवलपर के सहयोग से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत शिमला के विकासनगर में एक बहुउद्देशीय वाणिज्यिक परिसर विकसित करने को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने टांडा, मंडी मेडिकल कॉलेज, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल घवांडल तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी चमियाना, शिमला में स्थापित किए जा रहे पांच क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए उपकरणों की खरीद एवं आपूर्ति को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में कांगड़ा जिला के रैत स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को उपमंडल स्तर के आयुष चिकित्सा कार्यालय में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की।

पंचायत चौकीदार दैनिक वेतनभोगी
मंत्रिमंडल ने 31 अगस्त, 2022 से 31 मार्च, 2026 के मध्य 12 वर्ष व उससे अधिक की निरंतर सेवा पूर्ण कर चुके अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को वर्तमान निश्चित मासिक मानदेय के स्थान पर दैनिक वेतनभोगी के रूप में रखने का निर्णय लिया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 70 प्रतिशत अनुदान पर मछुआरों के लिए मछली पकड़ने वाली नौकाओं की खरीद एवं वितरण को भी स्वीकृति दी।

मंडी मध्यस्थता में खरीद मूल्य नहीं बढ़ा : सेब, आम व नींबू प्रजाति के फलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मंडी मध्यस्थता योजना के तहत पूर्ववत लागू रहेगा। वर्तमान में सेब और आम 12 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे जा रहे हैं, जबकि नींबू प्रजाति के फलों का खरीद मूल्य 10 रुपये प्रति किलो है। 

50% आय स्वच्छता के लिए :  स्वास्थ्य संस्थानों की रोगी कल्याण समितियों को नैदानिक परीक्षणों व विभिन्न चिकित्सीय प्रक्रियाओं से प्राप्त आय का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता व्यवस्था तथा आवश्यक रिएजेंट्स (रासायनिक अभिकर्मकों) की खरीद पर व्यय करने का अधिकार प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की। 

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