
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने स्थानीय डीएफओ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत विधानसभा सचिवालय में की है। विधायक का आरोप है कि डीएफओ ने उनकी ओर से उठाए मामलों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। संपर्क करने पर भी उन्हें उचित जवाब नहीं दिया गया। अनुराधा ने इसे विधायक के विशेषाधिकारों का हनन बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में शिकायत मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय की ओर से सचिव वन से मामले में जवाब मांगा है। वन सचिव संबंधित डीएफओ से जवाब लेकर उसे विधानसभा सचिवालय को भेजेंगे। इसके बाद आरोपों और डीएफओ के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ भी की थी शिकायत
अनुराधा राणा इससे पहले एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत कर चुकी हैं। विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार वह मामला अब सेटल हो चुका है। ऐसे में डीएफओ के खिलाफ शिकायत विशेषाधिकार हनन से जुड़ा उनका दूसरा मामला है, जिसमें उन्होंने किसी अधिकारी के व्यवहार को अपने विधायक पद के विशेषाधिकार से जोड़ा है। गौरतलब है कि वर्ष 2026-27 के लिए गठित विधानसभा की विशेषाधिकार एवं याचिका संबंधी व्यवस्था की अध्यक्षता स्वयं कुलदीप सिंह पठानिया कर रहे हैं। विधानसभा की समितियों के गठन की अधिसूचना में भी पठानिया को विशेषाधिकार समिति का सभापति बनाया है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि कुछ मामले सेटल हो चुके हैं, जबकि कई मामलों में अभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगे गए हैं
सुक्खू सरकार के कार्यकाल में विशेषाधिकार की प्रमुख शिकायतें
नवंबर 2023 : मंत्री जगत सिंह नेगी और चार कांग्रेस विधायकों ने अधिकारियों के खिलाफ विधानसभा सचिवालय में विशेषाधिकार और अवमानना संबंधी शिकायतें की थीं। संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
मार्च 2024 : नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने बजट सत्र के दौरान कथित हंगामे और सदन की मर्यादा प्रभावित करने को लेकर नौ भाजपा विधायकों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत की। संबंधित विधायकों से जवाब मांगा गया।
2025 : विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री की ओर से सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया।
दिसंबर 2025 : भाजपा के तीन विधायकों विपिन सिंह परमार, राकेश जम्वाल और त्रिलोक जम्वाल ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ कथित असंसदीय टिप्पणी को लेकर विशेषाधिकार का मामला उठाया।
जनवरी 2026 : आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने मंडी के तत्कालीन उपायुक्त अपूर्व देवगन के खिलाफ प्रोटोकॉल संबंधी मामले में विशेषाधिकार का मुद्दा उठाया। संबंधित विभाग से जवाब मांगा गया।
2026 : दून के विधायक राम कुमार चौधरी ने तत्कालीन एसपी बद्दी इल्मा अफरोज के खिलाफ विधायक की कथित निगरानी और जासूसी तथा उनके ड्राइवर पर दबाव डालने के आरोपों को लेकर विशेषाधिकार का मामला उठाया। मामले में दोबारा जवाब मांगा गया।
