
हिमाचल प्रदेश में अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनने वाले पुल पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होंगे। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में प्रस्तावित 22 नए पुलों की डीपीआर तैयार कर अंतिम तकनीकी जांच के लिए आईआईटी मंडी को भेजी है। इन पुलों का डिजाइन करीब 100 साल तक स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। अभी तक सामान्य तौर पर पुलों का निर्माण 40 से 50 साल की उम्र को ध्यान में रखकर किया जाता रहा है। नए डिजाइन में पुलों की मजबूती के साथ-साथ उनकी चौड़ाई को भी 7 मीटर किया जाएगा।
अभी साढ़े 3 मीटर पुलों की चौड़ाई होती है। प्रदेश में बारिश और बाढ़ के दौरान नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से पुलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे देखते हुए नए पुलों की संरचना को हिमाचल की भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पुलों की नींव, पिलर, गर्डर और अन्य हिस्सों की क्षमता को भी अधिक मजबूत बनाने का प्रावधान किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने 22 पुलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली है। आईआईटी मंडी के विशेषज्ञ इन डीपीआर और प्रस्तावित डिजाइन की तकनीकी जांच करेंगे। विशेषज्ञों की राय और जरूरी संशोधनों के बाद डिजाइन को अंतिम रूप देकर केंद्र को भेजा जाएगा।
