सब्सिडी हड़पने पर पूर्व बागवानी विस्तार अधिकारी को दो वर्ष कैद, 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगा

 

Himachal News Former horticulture extension officer sentenced to two years imprisonment for usurping subsidy

किसानों की सब्सिडी हड़पने के मामले में दोष साबित होने पर पूर्व बागवानी विस्तार अधिकारी प्रकाश चंद निवासी गांव कंडी, बैजनाथ को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन महीने अतिरिक्त कारावास काटना होगा। स्पेशल जज कम एडिशनल सेशन जज-1 कांगड़ा ने यह फैसला दिया है।

जिला न्यायवादी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि बड़ा भंगाल निवासी रिछू राम ने विजिलेंस को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2004-05 में बागवानी प्रौद्योगिकी मिशन के तहत बड़ा भंगाल के कृषकों को फलदार पौधे वितरित किए थे। इस पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाना था, लेकिन तत्कालीन बागवानी विस्तार अधिकारी लोहारड़ी ने कोई अनुदान नहीं दिया व फर्जी रसीदें तैयार कर लीं।

शिकायत पर विजिलेंस ने जांच की। जांच के बाद विजिलेंस ने उनके खिलाफ धर्मशाला में एफआईआर दर्ज की। जांच में पाया गया कि प्रकाश चंद ने किसानों को सब्सिडी देने के लिए झूठे और फर्जी आवेदन पत्र तैयार किए। आवेदन पत्रों पर उनके जाली हस्ताक्षर किए। सब्सिडी के भुगतान के रूप में विभाग की ओर से किसानों को जारी किए चेकों का दुरुपयोग किया और उन पर जाली हस्ताक्षर कर बैंक से नकदी प्राप्त कर ली। इस तरह उन्होंने सब्सिडी के रूप में दी गई 1.82 लाख की राशि का गबन कर लिया।

अदालत ने प्रकाश चंद को धारा 409 के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 467 के तहत दो वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 471 के तहत दो वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने के अलावा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 (2) के तहत दो साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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