
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर दिल्ली में लगने वाली प्रदर्शनी में हिमाचल की स्मृतियां भी शामिल होंगी। लाहौल-स्पीति समेत पूरे प्रदेश में भाजपा उनकी स्मृतियों को संजोएगी। लाहौल-स्पीति और कुल्लू से वाजपेयी की अनेक स्मृतियां जुड़ी हैं। भाजपा इनकी तस्वीरों व लेखों को जुटाएगी। अटल के जन्म शताब्दी समारोह के लिए भाजपा इनको भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली भेजेगी और ये समारोह में लगने वाली प्रदर्शनी का हिस्सा बनेंगी। लाहौल-स्पीति से वाजपेयी का रिश्ता गहरा रहा है।
अटल टनल बनाने के प्रयास हों या उनके मित्र स्व. टशी दवा उर्फ अर्जुन गोपाल के निमंत्रण पर पीएम रहते केलांग पहुंचकर टनल निर्माण की घोषणा करना। भारतीय जनता पार्टी लाहौल-स्पीति जिलाध्यक्ष रिगजिन समफेल हायरप्पा का कहना है कि अटल का लाहौल स्पीति से गहरा भावनात्मक नाता रहा है। उनकी जन्म शताब्दी के लिए घाटी की जुड़ी उनकी स्मृतियों को भाजपा जुटा रही है। इसमें उदयपुर मंडल अध्यक्ष किशोरी रावत भी सहयोग कर रहे हैं।
वर्ष 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके मित्र टशी दवा ऊर्फ अर्जुन गोपाल 46 वर्ष बाद दिल्ली में मिले थे। दोनों ने वर्ष 1952 में आरएसएस का प्रशिक्षण नागपुर में एकसाथ लिया था। 2004 में कुल्लू और लाहौल के लोगों ने टनल की घोषणा की खुशी में मनाली में सामूहिक धाम का आयोजन किया था। 2006 में मनाली के बाहंग से टनल को जाने वाले मार्ग का शिलान्यास किया था। उनकी ऐसी कई स्मृतियां यहां से जुड़ी हैं। पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि वाजपेयी का लाहौल से गहरा नाता रहा है। उन्होंने केलांग आकर 2 जून, 2002 को अटल टनल निर्माण की घोषणा की थी। इस दौरान वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हलके साथ थे।