स्वीकृत स्कीमों का काम शुरू नहीं करने पर ब्याज के साथ विभागों से वापस मांगा पैसा

Money was demanded back from the departments with interest for not starting work on approved schemes

हिमाचल प्रदेश के सभी विभागों, निगमों और बोर्डों को 31 मार्च, 2022 से पहले स्वीकृत ऐसी योजनाओं का बजट लौटाना होगा, जिन पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। वित्त एवं योजना विभाग ने संज्ञान लेते हुए सभी प्रशासनिक सचिवों को इस बाबत पत्र जारी किए हैं। अप्रयुक्त स्वीकृत राशि ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं। योजनाएं शुरू करने में आईं अड़चने दूर होने पर योजना विभाग को दोबारा संशोधित मंजूरी लेने का प्रावधान भी किया गया है। विभागों की ओर से बैंकों में जमा निधियों की समीक्षा के बाद बजट का सही उपयोग करने के लिए यह फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से लगाए प्रतिबंधों के चलते आर्थिक तंगी से गुजर रही राज्य सरकार ने बीते दिनों सभी विभागों को पूर्व के वर्षों में जारी बजट की समीक्षा की है।

योजना विभाग ने लीड बैंक से प्राप्त रिपोर्ट में पाया गया कि विभिन्न विभागों ने करोड़ों का बजट खर्च नहीं किया है। सरकार के ध्यान में मामला लाने के बाद अब फैसला लिया गया कि 31 मार्च, 2022 से पहले स्वीकृत कार्यों या योजनाओं में से जिनमें विभिन्न कारणों से काम शुरू नहीं किए गए हैं, उनसे पूरी राशि प्रति परियोजना 5,000 रुपये के सांकेतिक प्रावधान को छोड़कर वापस ली जाएगी। कई विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वायत निकायों के पास राजकोष से निकाले गए बड़े शेष हैं, लेकिन उपयोग किए बिना विभिन्न बैंक खातों में रखे हुए हैं। इसके अलावा 31 मार्च 2022 के बाद जिन परियोजनाओं पर थोड़ा सा काम ही हुआ है, उनका बजट भी वापस मांगा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *