
महिला मर्यादा में रहकर पुरुषों से आगे बढ़ रही हैं। मन को मजबूत करना है। अगर मन मजबूत है तो हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह शब्द अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉक्टर किरण शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि कहे।
ओपटेक विद्या आईटीआई टकारला में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने प्रशिक्षु छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान का दौरा अत्याधुनिक तकनीकी दौर है। इसमें हर तकनीक का सोच समझकर इस्तेमाल करें।साथ में ही जीवन में जो बनना है उसे लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन चिंतन करें। समाज में जो घटना घटित हो रही है उनका डटकर सामना करें। अपराध को सहना भी बहुत बड़ा अपराध है। इसको शुरुआती दौर में ही रोक दिया जाए तो यह आगे नहीं बढ़ता है। महिलाओं को सशक्त होना पड़ेगा। अपने साथ हो रही घटनाओं को सहने की बजाय उनके खिलाफ आवाज उठानी होगी। तभी महिलाएं असल मायने में सशक्त बना पाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर मन सशक्त है तो हर चीज का मुकाबला किया जा सकता है। सबसे ज्यादा जरूरी है मन को शक्तिशाली बनाना। अगर समाज में मान सम्मान और सुरक्षा चाहते हैं। तो पहले अपनी ओर से इस बात को देने की शुरुआत करें। तब स्वयं ही दूसरी ओर से भी वैसे ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो आप देखते सुनते और संगत करते हो। वैसे ही आपका व्यवहार बन जाता है। इसलिए ऐसे लोगों की संगत करें। जिससे आपके जीवन का स्तर बढ़ सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ जो भी अत्याचार और उत्पीड़न की घटना हो रही हैं। उसके लिए समाज ही जिम्मेदार है।
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉक्टर किरण शर्मा ने कहा कि भले ही महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ी हैं, लेकिन अभी भी समाज में लोगों की सोच में बदलाव आना बाकी है। उन्होंने कहा कि स्व परिवर्तन से ही विश्व परिवर्तन होता है और महिलाओं को स्वावलंबी बनने के लिए स्व मान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योग्य बनो तो योग्यता अपने आप पहचानते हुए आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जो नशे की चपेट में आए हैं। ऐसे लोग मानसिक तौर पर कमजोर हैं। उन्हें सबसे पहले मानसिक तौर पर मजबूत करना होगा। तभी समाज से नशे का कर काम होगा।