सुख शिक्षा योजना में शामिल की मातृ संबल योजना, मंत्री शांडिल ने दी जानकारी

Himachal Assembly Budget Session matri sambal Yojna included in Sukh Shiksha Yojana Minister Shandil

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना तीन सितंबर 2024 तक चल रही थी। अब इस योजना को इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना में शामिल कर दिया है। विधायक सुरेंद्र शौरी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत साल 2023-24 में 12,785 माताओं और 19,487 बच्चों तथा तीन सितंबर 2024 तक 10,653 माताओं और 16,100 बच्चों को लाभ दिया गया। इन लाभार्थियों को अब इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के लाभ लगातार दिए जा रहे हैं।

671 बच्चों को पढ़ाने के लिए हिंदी के शिक्षक नहीं
भाजपा विधायक डॉ. जनकराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 16 उच्च विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें हिंदी शिक्षकों का कोई भी पद सृजित नहीं है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 671 है। जिला चंबा, हमीरपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सोलन में एक-एक, मंडी और शिमला में तीन-तीन तथा जिला कांगड़ा में पांच स्कूल ऐसे हैं। 

शहरों के 31 कॉलेजों में ग्रामीण क्षेत्र के 110 कॉलेजों से अधिक विद्यार्थी
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के 31 कॉलेजों में ग्रामीण क्षेत्रों के 110 कॉलेजों से अधिक विद्यार्थी हैं। भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के 110 ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान 32,926 विद्यार्थियों ने दाखिले लिए। 25,284 विद्यार्थियों ने कला संकाय, 3368 विज्ञान और 4174 विद्यार्थी वाणिज्य संकाय की शिक्षा ले रहे हैं। शहरी क्षेत्रों के 31 कॉलेजों में इसी शैक्षणिक सत्र के दौरान 57,530 दाखिले हुए हैं। 37,465 विद्यार्थियों ने कला संकाय, 12,239 ने विज्ञान और 7836 ने वाणिज्य संकाय में दाखिले लिए हैं। प्रदेश के 141 कॉलेजों में 90,456 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सभी कॉलेजों में छात्रों और शिक्षकों का अनुपात 117:1 है।

स्कूलों में गैर शिक्षकों के 7485 पद खाली
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गैर-शिक्षक कर्मचारियों के 7485 पद रिक्त हैं। इन्हें विभागीय पदोन्नति/नियमितिकरण एवं विद्यालयों के विलय, एकीकरण तथा पदों के युक्तीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर भर दिया जाएगा। भाजपा विधायक डॉ. जनकराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने सितंबर 2023 को टीजीटी (आर्ट्स) के 1070, टीजीटी (नॉन मेडिकल) के 776 तथा टीजीटी (मेडिकल) के 430 पदों को सीधी भर्ती से भरने की अनुमति दीहै। इनमें से टीजीटी (आर्ट्स) के 566, टीजीटी (नॉन मेडिकल) के 337 तथा टीजीटी (मेडिकल) के 194 पदों को बैचवाइज, भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड एवं स्पोर्ट्स सेल के माध्यम से भर दिया है। राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से टीजीटी (आर्ट्स) के 425, टीजीटी (नॉन मेडिकल) के 343 एवं टीजीटी (मेडिकल) के 169 पदों को भरा जाएगा। इसके लिए विभाग ने 25 फरवरी 2025 को राज्य चयन आयोग हमीरपुर को मांग-पत्र भेज दिया है।

आउटसोर्स से नर्सों के भरेंगे 915 पद
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि विभाग में स्टाफ नर्सों के 1329 पद रिक्त हैं। मंत्रिमंडल ने स्टाफ नर्सों के 915 पदों को आउटसोर्स से भरने का निर्णय लिया है। इनमें से लगभग 80 पदों को राज्य इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन और आरके एंड कंपनी मैनपावर एजेंसी हमीरपुर द्वारा भरा जा चुका है। शेष पदों को भरने के लिए अभी तक किसी भी कंपनी का चयन नहीं हुआ है। आउटसोर्स आधार पर भर्ती होने वाली नर्सों को 1306 रुपये वेतन प्रति माह दिया जाता है जो अनुबंध आधार पर दिए जाने वाले वेतन से 8298 रुपये कम है। नियमित आधार पर चयनित स्टाफ नर्सों से वेतन 22,538 रुपये कम है। मेडिकल काॅलेज टांडा में आउटसोर्स पर 14,490 रुपये वेतन प्रति माह दिया जाता है जो अनुबंध आधार पर दिए जाने वाले वेतन से लगभग 6870 रुपये और नियमित आधार पर चयनित स्टाफ नर्सों से 21,110 रुपये कम है। भाजपा विधायक डॉ. जनकराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर्सों के पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने का कोई भी मामला/प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। 

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