ढाई दशक बाद पार्वती जलविद्युत प्रोजेक्ट चरण-दो तैयार, 10 राज्य होंगे रोशन

After two and a half decades, Parvati Hydroelectric Project Phase-2 is ready, 10 states will be illuminated

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की सैंज घाटी में 800 मेगावाट की पार्वती जलविद्युत परियोजना चरण-दो बनकर तैयार हो गई है। करीब ढाई दशक बाद तैयार हुआ यह प्रोजेक्ट हिमाचल समेत 10 राज्यों को रोशन करेगा।  प्रोजेक्ट में उत्पादन को लेकर ट्रायल शुरू कर दिया गया है, जो अप्रैल के पहले हफ्ते तक चलेगा। ट्रायल सफल रहने के बाद इसके उद्घाटन की तिथि तय की जाएगी। उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल आ सकते हैं। प्रबंधन पीएम से इसका उद्घाटन करवाने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। प्रोजेक्ट में 15 मार्च से ट्रायल शुरू हुआ है।

इनमें 200-200 मेगावाट की चार टरबाइनें लगी हैं। चारों विद्युत  इकाइयों को बारी-बारी से चलाया जा रहा है। परियोजना से हिमाचल के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश को बिजली मिलेगी। बता दें कि परियोजना का शिलान्यास पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने 12 दिसंबर 1999 को किया था। वर्ष 2001 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। एनएचपीसी ने परियोजना का निर्माण कार्य 2007 में पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन निर्माण के दौरान आई कई समस्याओं के चलते लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया। निर्माण कार्य आगे खिसकने के साथ ही इसकी लागत में बढ़ गई। 

13,045 करोड़ पहुंची लागत
निर्माण के दौरान सैंज के साथ लगते सिउंड में पहाड़ी दरकने के कारण परियोजना का लक्ष्य 2007 से 2014 किया गया। इसके बाद हेडरेस टनल बरशैणी में टीबीएम फंस जाने से काम करीब चार साल तक बंद रहा। 32 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण कर इसमें पार्वती नदी, हुरला व मनिहार नाला के पानी को डायवर्ट किया गया है। प्रारंभिक दौर में परियोजना की कुल लागत करीब 3,919 करोड़ थी। लेकिन काम आगे खिसकने से इसके निर्माण पर अनुमानित 13,045 करोड़ खर्च हुए।

परियोजना का काम पूरा हो गया है। 15 मार्च से परियोजना की टरबाइनों का ट्रायल शुरू कर दिया है। चारों टरबाइनों से 800 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। ट्रायल अप्रैल के पहले हफ्ते तक जारी रहेगा। इसके बाद उद्घाटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी

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