
हिमाचल के छह जिलों शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर और ऊना में बुधवार को फिर शराब ठेकों की नीलामी होगी। बुधवार को भी यह ठेके नहीं बिके तो पुराने संचालकों को ही दस अप्रैल तक कारोबार करने का समय दिया जाएगा। नीलामी नहीं होने के चलते मंगलवार को प्रदेश के कुछ जिलों में पहली अप्रैल को कई ठेके बंद रहे। शराब ठेकों का अधिक बेस प्राइज होने से कर एवं आबकारी विभाग के अफसरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। नीलामी प्रक्रिया अधर में लटकने के चलते जिन कारोबारियों को ठेकों का आवंटन हो भी चुका है, उनके लिए मंगलवार शाम तक रेट लिस्ट जारी नहीं हुई। जो ठेके मंगलवार को खुले भी रहे, वहां भी पुरानी दरों से ही शराब बिकी।
शिमला जिला की नीलामी बचत भवन, कांगड़ा की लॉयन क्लब श्यामनगर, कुल्लू-लाहौल-पांगी की ढालपुर कुल्लू के सभागार, मंडी की जिला परिषद हाॅल, बिलासपुर की विभागीय कार्यालय और ऊना की नीलामी भी विभागीय कार्यालय में होगी। नीलामी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बुधवार सुबह नौ बजे से साढ़े दस बजे टेंडर फार्म जमा होंगे। 11 बजे से नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने बेस प्राइज को कम नहीं करने का फैसला लिया है। अगर किसी जिला में बेस प्राइज से कम पर शराब ठेके नीलाम हुए हैं तो उन्हें दोबारा से नीलाम किया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरे होने तक जिन कारोबारियों के पास 31 मार्च तक ठेके थे, उन्हें ही आगामी दस अप्रैल तक काम करने को कहा जाएगा।
2,800 करोड़ का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य
प्रदेश में शराब ठेकों की नीलामी से वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने करीब 2800 करोड़ का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। बेस प्राइज बहुत अधिक होने के चलते कई जिलों में कारोबारी नीलामी प्रक्रिया में भाग नहीं ले रहे हैं। इस कारण प्रक्रिया अधर में लटक गई है। मंगलवार को दिन भर कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारी आगामी रणनीति बनाने के लिए मंथन करने में जुटे रहे। इसके बाद छह जिलों में बुधवार को फिर नीलामी करने का फैसला लिया गया।