
विवि के 23 विभागों की 137 पीएचडी की सीटों पर प्रवेश के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा का अभ्यर्थियों को फिलहाल मई के पहले सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा।
एचपीयू शिमला की स्नातक डिग्री कोर्स की शुरू हुई परीक्षाओं को संचालित करना परीक्षा विंग की प्राथमिकता बन गई है। इधर, परीक्षा विंग ने अब पीएचडी की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विवि के 23 विभागों की 137 पीएचडी की सीटों पर प्रवेश के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा का अभ्यर्थियों को फिलहाल मई के पहले सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा। पीएचडी में प्रवेश के लिए विवि ने 12 मार्च को विज्ञापित की सीटों के लिए आवेदन को 30 मार्च तक की समय सीमा तय की है। शनिवार को यह समय सीमा समाप्त हो जाएगी। अधिष्ठाता अध्ययन कार्यालय की ओर से विज्ञापित की गई पीएचडी की खाली सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा विवि करवाएगा। परीक्षा विंग ही इसका परिणाम घोषित करेगा।
इसके बाद डीएस कार्यालय काउंसलिंग और इस बार से यूजीसी के रेगुलेशन के अनुसार 12 अंक का रिसर्च एप्टीट्यूड इंटरव्यू (शोध अभिवृत्ति साक्षात्कार) की प्रक्रिया काे पूरी कर मेरिट के आधार पर प्रवेश देगा। अब तक इन 137 सीटों के लिए अलग अलग विभागों के सैकड़ों ऑनलाइन आवेदन किए जा चुके है।
प्रवेश लेने के लिए परीक्षा के लिए तय न्यूनतम अंक प्राप्त करने के बाद ही रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट होना है। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने माना कि प्रवेश परीक्षा के आधार पर पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया के लिए आवेदनकर्ताओं को इंतजार करना होगा। यूजी की वार्षिक परीक्षाओं के आठ मई तक समाप्त होने से पूर्व प्रवेश परीक्षा की तिथि तय कर जारी कर दी जाएगी। विवि प्रशासन मई में परीक्षा करवाएगा।
80 अंक की होगी प्रवेश परीक्षा
पीएचडी में प्रवेश के लिए 80 अंक की प्रवेश परीक्षा होगी। इसमें सामान्य वर्ग के लिए क्वालीफाइंग मार्क्स 50 फीसदी, आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए 45 फीसदी रहेंगे। नेट जेआरएफ अन्य राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक का 10 फीसदी तक अधिमान मिलेगा। एसएलईटी और एमफिल का अलग से अधिमान मिलेगा। इसके बाद रिसर्च एप्टीट्यूड इंटरव्यू के कुल 12 अंक में से अंक मिलेंगे।
विभागावार पीएचडी की उपलब्ध सीटों का ब्योरा
पीएचडी की विभागवार भरी जाने वाली 137 सीटों के उपलब्ध ब्यौरे के अनुसार केमिस्ट्री में 12, मैथेमेटिक्स में 7, फिजिक्स में 3, बायोसाइंस बॉटनी में 3, जूलॉजी में 9, बॉयोटेक्नोलॉजी में 6, शारीरिक शिक्षा विभाग में 6, कंप्यूटर साइंस में 11, अंग्रेजी में 5, हिंदी में 5, संस्कृत में 3, काॅमर्स में 10, अर्थशास्त्र में 2, विजुअल आर्ट विभाग में 01,जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन में 3, भूगोल में 2,समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग में 01, विधि विभाग में 8, साइकोलॉजी में 5, इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल स्टडीज टूरिज्म में 14, यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल में मैनेजमेंट की 10, शिक्षा विभाग की 8 और माइक्रो बॉयोलॉजी में 3 सीटें भरी जानी हैं। इन विभागों में सुरन्यूमेररी सीटें भी भरी जानी हैं। इसके लिए भी प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य है।
अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी होगा यूजी परीक्षाओं का शेड्यूल
वहीं, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी ने अपनी अधीन आने वाले हजारों छात्र छात्राओं को राहत प्रदान करते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह में ही यूजी परीक्षाओं का शेड्यूल जारी करने का दावा किया है। हालांकि प्रदेश विश्वविद्यालय में यह परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन एसपीयू ने अभी तक शेड्यूल जारी नहीं किया था। ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षाओं का शेड्यूल जारी नहीं होने के कारण असमंजस का माहौल है। विद्यार्थियों की परेशानियों को देखते हुए विवि प्रबंधन ने कहा है कि विद्यार्थियों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
अप्रैल में ही शेड्यूल जारी करके परीक्षाओं की पूरी जानकारी उन्हें प्रदान की जाएगी। इसके लिए विवि में परीक्षा विभाग की टीम पूरी तरह से शेड्यूल बनाने के काम में जुटी है और अगले सप्ताह शेड्यूल जारी हो जाएगा। एसपीयू की प्रति कुलपति प्रो. अनुपमा ने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में यूजी परीक्षाओं का शेड्यूल जारी हो जाएगा। उन्होंने छात्र छात्राओं से आग्रह किया है कि वह चिंता न करें और मन लगाकर पढ़ाई करें। बता दें कि एसपीयू मंडी प्रदेश का दूसरा विश्वविद्यालय है और इसमें तीन जिलों के करीब 46 कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।