हिमाचल प्रदेश को बीते वर्ष आई प्राकृतिक आपदा के बाद पुनर्वास के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के आम बजट में इसका एलान किया। हिमाचल के अलावा उत्तराखंड, असम को इस तरह की मदद मिलेगी। प्रदेश में बाढ़ से नुकसान की भरपाई के लिए सहायता मिलेगी। बाढ़ के कारण व्यापक नुकसान झेलने वाले हिमाचल प्रदेश को भी बहुपक्षीय सहायता के माध्यम से पुनर्निर्माण के लिए समर्थन मिलेगा। बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों को 11,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
इसी तरह सरकार एक करोड़ युवाओं को अगले पांच साल में टॉप-500 कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका देगी। यह इंटर्नशिप 12 महीने की होगी। इससे हिमाचल के युवाओं को भी लाभ होगा। सरकार ने अगले पांच साल में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। फसलों के उत्पादन, भंडारण और विपणन की व्यवस्था की जाएगी।
दालों और तिलहन के लिए मिशन मोड पर काम होगा। 400 जिलों में फसलों का सर्वे किया जाएगा। 32 फसलों की 109 नई किस्में आएंगी। इन घोषणाओं से हिमाचल के किसानों-बागवानों को लाभ होगा। प्रदेश के 90 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं तथा 70 प्रतिशत लोग सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर है। राज्य में सेब की बागवानी 5,000 करोड़ रुपये की आर्थिकी बनकर उभरी है।