
हिमाचल प्रदेश में मस्जिदों में अवैध निर्माण का विरोध थम नहीं रहा है। शुक्रवार को धर्मशाला, नगरोटा बगवां में सनातन एकता सभा, लोक सेवा समिति, हिंदू व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। नगरोटा में उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने विशेष समुदाय की एक दुकान का बैनर फाड़ने के बाद शटर पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिया और दुकान पर पथराव का प्रयास भी हुआ, लेकिन पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया। नगरोटा शहर में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात रहे।
उधर, जिला मुख्यालय धर्मशाला के कोतवाली बाजार में कारोबारी दुकानें बंद कर सड़कों पर उतर आए। दोपहर 12 बजे तक दुकानें बंद रखीं। कारोबारियों ने रैली निकाली और हिंदू-हिंदू भाई-भाई के नारे लगाए। कोतवाली बाजार के व्यापार मंडल सहित अन्य समितियों और समाजसेवी संगठनों ने फव्वारा चौक पर पांच बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। नगरोटा में भी नारेबाजी के बाद पुराना बस अड्डा और गांधी मैदान स्थल पर बैठकर सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। यहां स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन के दौरान समुदाय विशेष के लोगों को किराये पर दुकानें और मकान देने का भी विरोध किया। इस दौरान पूर्व विधायक अरुण कुमार कूका, भाजपा ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष विनय चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सोनू चौधरी उपस्थित रहे
उधर, धर्मशाला में कोतवाली बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष सहित अन्य लोगों ने मस्जिदों में हुए अवैध निर्माण और प्रवासियों की जांच को लेकर कार्रवाई के लिए उपायुक्त कार्यालय में डीसी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सनातन एकता सभा, लोक सेवा समिति, धर्मशाला व्यापार वृद्धि समिति और स्थानीय निवासी और समाजसेवी संगठनों ने प्रदर्शन के दौरान लोगों को जागरूक किया। व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र जम्वाल, महासचिव विवेक गांधी, रविकांत शर्मा, कारोबारी मोहित, राकेश वर्मा और रवि कुमार ने बताया कि बाहरी राज्यों के रह रहे प्रवासी काम तो कुछ नहीं करते, लेकिन घरों का किराया हैसियत से भी ज्यादा भर रहे हैं। जब उनके दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं तो उनकी जन्म तिथियों में भी एक जैसी समानता मिल रही है।
उधर, दाड़लाघाट में भी बाहरी लोगों के क्षेत्र में प्रवेश के विरोध में पर हिंदू जागरण मंच दाड़लाघाट के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। वहीं, सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि हमीरपुर में मटाहणी मस्जिद के पास लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे। पुलिस को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी सुरक्षा के लिए कहा था। इसी के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और प्रदर्शनकारियों को राज्य चयन आयोग के कार्यालय के पास लगाए बैरिकेड से आगे ही नहीं जाने दिया।
नेरवा में प्रदर्शन करने वालों पर एफआईआर
नेरवा में मस्जिदों में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन पर अगले दिन शुक्रवार को पुलिस ने करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश खुरांटा समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसमें हिंदू जागरण मंच के पूर्व पदाधिकारी कमल गौतम को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि डुंडी माता मंदिर के समीप प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मुकेश और कमल ने मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। पुलिस ने इस मामले में धारा 126 (2), 189 (2) और दो समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए 196 (1) के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में सोनू, रोहितर सरकैक, सोमदत्त, रमन और प्रदीप समेत अन्य को नामजद किया गया है। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है।