
हिमाचल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के लोगों को अब बिजली, पानी, संपत्ति कर और कूड़े का बिल जमा करने के लिए न तो दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी और न ही ऑनलाइन पे करने के लिए अलग-अलग पोर्टल पर जाना पड़ेगा। सिर्फ एक ही आईडी से ये बिल जमा होंगे। इसके लिए शहरी क्षेत्रों में हर घर को अब यूनिक आईडी मिलेगी। यह यूनिक आईडी घर के बाहर लगेगी। इस आईडी में लगे क्यूआर कोड स्कैन करके संपत्ति कर समेत बिजली-पानी और कूड़े के बिल का भी भुगतान कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर योजना के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए शहरी डिजिटल पहचान योजना लॉन्च की है। यूनिक आईडी शहरी स्थानीय निकाय लगाएंगे। इसके अलावा हिम सेवा पोर्टल, राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना की भी शुरुआत की गई।
सिटीजन सेवा पोर्टल पर वित्त एवं लेखा, हिम सेवा सुविधा, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्रबंधन, संपत्ति कर एवं कचरा संग्रह बकाया प्रबंधन, हिम सेवा कनेक्ट से अन्य विभागों की सेवाओं का एकीकरण, उल्लंघन एवं वसूली निपटान, ई-चालान, नगर निगम की रसीदें और प्रमाण पत्र सहित अन्य सेवाएं मिलेंगी। वहीं, लोगों को सत्यापित सेवा प्रदाताओं के नंबर सहित अन्य शहरी सेवाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास आर्थिक संसाधन भले ही कम हैं लेकिन हौसले की कमी नहीं है। गांवों में भी शहरों जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। प्रदेश के 10 जिलों में 15 सिटी सेंटर बनेंगे, पहले चरण में शिमला और हमीरपुर में आधुनिक शहर बनाएंगे। शहरी विकास विभाग ने 700 करोड़ की योजनाएं केंद्र को स्वीकृति के लिए भेजी हैं। सरकार वर्ड क्लास रिवर फ्रंट बना रही है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। शिमला में अडरग्राउंड डक्ट बनाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है अब सभी शहरों में यह बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और अमृत मित्र योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को अवाॅर्ड लेटर प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत 100 शहरों में हिमाचल के शहरों को शामिल करना है। इसके लिए छह महीने सघन स्वच्छता अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शहरी विकास विभाग ने चार संस्थाओं और उपक्रमों के साथ विकास कार्यों के दृष्टिगत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए। प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जन सेवाओं के लिए नई प्रौद्योगिकी इस्तेमाल की जा रही है, सेवाओं को ऑनलाइन करना प्राथमिकता है। जन शिकायतों के निवारण के लिए समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
