
अर्की बाजार में हुए अग्निकांड में अब तक बरामद 10 अवशेष को परिजनों को दाह संस्कार के लिए सौंप दिया गया। वीरवार को स्थानीय प्रशासन की देखरेख में सभी अवशेषों का संस्कार किया गया। गौरतलब है कि 10 और 11 जनवरी की मध्य रात्रि अर्की के ओल्ड बाजार में चार दुकानों और उसकी ऊपरी मंजिल में रहने वाले नेपाल व बिहार मूल के 10 मजदूरों की मौत हो गई थी। इसमें से एक 10 वर्षीय बच्चे का शव मिला था। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ सहित होम गार्ड की टीमों को अब तक 10 अवशेष मिल चुके हैं।
वीरवार को मृतक काशी राम के भाई मोहन बहादुर ने बताया कि उसके भाई काशीराम का छोटा बेटा व भाई और मृतक धन बहादुर का भाई व चाचा का बेटा बुधवार देर रात अर्की पहुंच गए हैं। मोहन बहादुर ने बताया कि सभी रिश्तेदारों में आपस में फैसला किया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान मिले शरीरों के अवशेषों को सामूहिक रूप से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके बाद सभी अवशेषों का विधिवत रूप से संस्कार किया गया। वहीं दाह संस्कार से पहले नेपाल से पहुंचे परिजनों के भी डीएनए के सैंपल लिए गए है। उधर, एसडीएम अर्की निशांत तोमर ने बताया कि सर्च ऑपरेशन जारी है। अभी तक मिले दस अवशेषों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया है। प्रशासन की देखरेख में उनका अंतिम संस्कार किया गया है।
अर्की मुख्यालय में रविवार रात हुए भीषण अग्निकांड के बाद मलबे में जिंदगियों की तलाश के लिए चलाया गया ‘सर्च ऑपरेशन’ वीरवार शाम 6:00 बजे समाप्त हो गया। चार दिनों तक चली इस कड़ी मशक्कत में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, डॉग स्क्वाड की टीमों ने मलबे से कुल 20 मानव अवशेष बरामद किए हैं। ऑपरेशन पूरा होने के बाद सभी टीमें वापस लौट गई हैं और अब प्रशासन ने चौगान मैदान की सफाई और कानूनी जांच पर ध्यान केंद्रित किया है। वीरवार सुबह 7:30 बजे से ही टीमों ने मोर्चा संभाल लिया था।
घटनास्थल से टिपरों के जरिये मलबे और मिट्टी को चौगान मैदान ले जाया गया, जहां जवानों ने मलबे को चार से पांच बार पलटकर सूक्ष्मता से जांच की। दोपहर बाद मलबे से 5 और मानव अवशेष बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने तुरंत कब्जे में ले लिया। प्रशासन ने अब तक मिले सभी अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया है। अग्निकांड वाली जगह से भारी संख्या में घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडर बरामद हुए हैं। धमाकों की तीव्रता और इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने भवन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब व्यावसायिक परिसर में सिलिंडरों के भंडारण को लेकर कड़ी पूछताछ की तैयारी है।
सर्च ऑपरेशन वीरवार को बंद कर दिया गया है। बरामद मानव अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। चौगान मैदान में जमा की गई मिट्टी को जल्द हटाया जाएगा ताकि स्कूल के बच्चों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो। पूरे ऑपरेशन में सहयोग के लिए सभी विभाग और शहरवासी आभार के पात्र हैं। – निशांत तोमर, एसडीएम अर्की
घटनाक्रम पर एक नजर
12 जनवरी : देररात 3:00 बजे अर्की के एक भवन में भीषण आग लगी। गैस सिलेंडर फटने से धमाके हुए, 10 लोगों के जिंदा जलने की आशंका जताई गई।
13 जनवरी : मलबे की तलाश के लिए एनडीआरएफ और डॉग स्क्वाड पहुंचे। पहले दिन 9 अवशेष और 8 सिलेंडर बरामद हुए। भवन मालिक पर केस दर्ज।
14 जनवरी : मलबे को सर्च के लिए चौगान मैदान में शिफ्ट किया गया। कुछ और अवशेष मिले।
15 जनवरी : पांच अवशेष और मिले, नेपाल से पीड़ितों के परिजन पहुंचे। प्रशासन ने कुछ अवशेष दाह संस्कार के लिए सौंपे। शाम को सर्च ऑपरेशन समाप्त हुआ।
