हिमाचल: छात्रा मौत मामले में जातिसूचक शब्दों, रैगिंग के नहीं मिले सबूत, प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा

Spread the love

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज की छात्रा के मौत मामले में उच्च शिक्षा निदेशालय की विभागीय जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है। अतिरिक्त निदेशक की अध्यक्षता में गठित जांच समिति को कॉलेज स्तर पर जातिसूचक शब्दों और रैगिंग के आरोपों के सबूत नहीं मिले हैं। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों में रैगिंग की पुष्टि नहीं होती है।

शिक्षा निदेशालय जल्द ही यह रिपोर्ट को राज्य सरकार को सौंपेगा। जांच समिति की ओर से धर्मशाला कॉलेज में शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक स्टाफ से अलग-अलग बातचीत की गई। समिति ने रिकॉर्ड खंगाले, रजिस्टर, आंतरिक शिकायत तंत्र और पूर्व शिकायतों की भी पड़ताल की।जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ अन्य शिक्षकों या विद्यार्थियों की ओर से कोई लिखित या मौखिक नकारात्मक टिप्पणी दर्ज नहीं मिली।

समिति ने स्पष्ट किया है कि यौन शोषण के आरोपों पर जांच जारी है। छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष के बाद इस पहलू पर विचार किया जाएगा। टीम ने यह भी कहा कि संपर्क, कॉल डिटेल और घटनाक्रम की टाइमलाइन जैसे सभी संभावित कोण जोड़े जा रहे हैं। जांच के लिए अतिरिक्त निदेशक डॉ. हरीश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति में ढलियारा कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अंजू आर चौहान, बैजनाथ के प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप कुमार कौंडल और नौरा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार को सदस्य बनाया गया। मामले में सहायक प्रोफेसर अशोक कुमार अभी निलंबित है।

 राजकीय कॉलेज धर्मशाला की छात्रा की मौत, रैगिंग और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में अगली सुनवाई 13 फरवरी को धर्मशाला न्यायालय में होगी। पुलिस ने शनिवार को न्यायालय में संशोधित स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी शिक्षक और जमानत पर चल रहीं दो छात्राओं की अंतरिम जमानत पर 13 फरवरी तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *