हिमाचल में बड़ा खुलासा: 15% कामगार निकले अपात्र, बोर्ड ने 2,975 नाम किए बाहर

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हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में अपात्र लोग भी पंजीकृत हैं। बोर्ड की ओर से प्रदेश भर में अब 19,480 कामगारों की फिजिकल वेरिफिकेशन की गई है। इनमें से 2,975 लोग अपात्र पाए गए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने स्पष्ट किया कि 15 प्रतिशत से अधिक का यह आंकड़ा केवल शुरुआती है। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या और भी बढ़ सकती है। हमीरपुर में समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को जारी बयान में अध्यक्ष ने कहा कि अपात्रों को बाहर निकालने का मुख्य उद्देश्य यह है कि बजट का लाभ केवल वास्तविक श्रमिकों को ही मिले। पंजीकृत कामगारों के बच्चों की सरकारी संस्थानों में उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा की पूरी फीस बोर्ड की ओर से वहन की जाएगी।

इसके साथ ही सभी कामगारों को हिम केयर योजना से जोड़ा जाएगा, जिसका पूरा खर्च बोर्ड उठाएगा। सभी दिव्यांग बच्चों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा। अब श्रम कल्याण अधिकारी सप्ताह में तीन दिन कार्यालय में बैठकर ई-केवाईसी का काम निपटाएंगे और शेष तीन दिन फील्ड में जाकर कामगारों की भौतिक जांच करेंगे। सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने हाल ही में 15 करोड़ की राशि 4,000 लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की है। इसमें विधवा और एकल नारियों को मकान निर्माण के लिए तीन-तीन लाख रुपये की पहली किस्त भी शामिल है।

पंजीकृत 4.76 लाख कामगारों की पारदर्शिता के साथ जांच होगी। फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं होगा और पात्रों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। – नरदेव सिंह कंवर, अध्यक्ष, कामगार कल्याण बोर्ड

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