सीबीएसई स्कूलों में सेवारत शिक्षकों को मेरिट आधार पर नियुक्ति देने की तैयारी, बैठक में बनी सहमति

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हिमाचल प्रदेश के 147 संचालित सरकारी सीबीएसई स्कूलों में सेवारत शिक्षकों को मेरिट आधारित व्यवस्था के तहत ही नियुक्तियां देने की संभावना बन गई है। बुधवार को राज्य सचिवालय में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में शिक्षकों को लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर स्कूल आवंटित करने के प्रस्ताव पर लगभग सहमति बन गई है। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू लेंगे।

बुधवार को आयोजित बैठक में शिक्षा विभाग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत बनाए रखने के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप लिखित परीक्षा की मेरिट को ही आधार बनाया जाना चाहिए। विभाग ने तर्क दिया कि मेरिट आधारित चयन से न केवल न्यायसंगत प्रक्रिया सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में किसी प्रकार के कानूनी विवाद की संभावना भी कम रहेगी। बैठक में प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में वर्तमान में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की स्थिति, उनके अनुभव और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

चर्चा के दौरान इस बात पर सहमति जताई कि स्कूलों का आवंटन और नियुक्तियां परीक्षा परिणामों के आधार पर ही की जानी चाहिए। हालांकि मामला बड़ी संख्या में शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा होने के कारण कैबिनेट सब-कमेटी ने अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री पर छोड़ दिया है। बैठक में हुई चर्चा और बनी सहमति के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद सरकार इस संबंध में औपचारिक निर्णय लेगी। गौरतलब है कि सीबीएसई पैटर्न वाले सरकारी स्कूलों में सेवारत शिक्षक लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखते हुए जल्द फैसला लेने के पक्ष में है

सीबीएसई स्कूलों में सेवारत शिक्षकों को नियुक्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने बोर्ड के माध्यम से परीक्षा ली थी। परीक्षा के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं और मेरिट सूची तैयार है। प्रस्तावित योजना के तहत मेरिट के आधार पर शिक्षकों को उनकी पसंद और उपलब्धता के अनुसार सीबीएसई स्कूल आवंटित किए जाने थे। हालांकि नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने से पहले सरकार ने मामले की समीक्षा के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया है।

इसी कड़ी में बुधवार को सचिवालय में उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। हालांकि बैठक में सब-कमेटी के दो सदस्य मंत्री जगत सिंह नेगी और राजेश धर्माणी शामिल नहीं हुए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों को चलाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। सेवारत शिक्षकों के अलावा तीन हजार अन्य शिक्षकों की सीधी भर्ती हो रही है। भविष्य में 200 और स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करना है। उधर, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि बैठक में हुई चर्चा और बनी सहमति की मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

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