
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (टीएमसी) टांडा में हृदय रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है। अस्पताल प्रशासन ने हार्ट स्टेंट की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे मरीजों को बाजार की तुलना में लगभग आधी कीमत पर स्टेंट उपलब्ध हो सकेंगे। इस पहल से हृदय रोगों के उपचार में लगने वाले खर्च में काफी कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना, मंडी और कुल्लू जिलों के मरीजों को मिलेगा।
स्टेंट की कीमतों में भारी कटौती की उम्मीद
वर्तमान में, हार्ट स्टेंट के लिए मरीजों को लगभग 40 से 45 हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद, यही स्टेंट 20 से 25 हजार रुपये के बीच उपलब्ध हो सकेंगे। यह लगभग 50% की कमी है, जो हृदय रोगियों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत साबित होगी। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एंजियोप्लास्टी में उपयोग होने वाले अन्य सर्जिकल उपकरणों और संबंधित खर्च अलग से देय होंगे।
इलाज होगा अधिक सुविधाजनक और किफायती
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण स्टेंट उपलब्ध होने से मरीजों को बाहर से स्टेंट या अन्य जरूरी सामग्री खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे न केवल इलाज की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी, बल्कि यह काफी किफायती भी हो जाएगी। टांडा मेडिकल कॉलेज प्रदेश के कई जिलों के हृदय रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपचार केंद्र है, और इस कदम से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा।
इलाज होगा अधिक सुविधाजनक और किफायती
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण स्टेंट उपलब्ध होने से मरीजों को बाहर से स्टेंट या अन्य जरूरी सामग्री खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे न केवल इलाज की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी, बल्कि यह काफी किफायती भी हो जाएगी। टांडा मेडिकल कॉलेज प्रदेश के कई जिलों के हृदय रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपचार केंद्र है, और इस कदम से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा।
वार्षिक एंजियोप्लास्टी और खर्च का विवरण
टीएमसी के कार्डियोलॉजी विभाग में हर साल लगभग 500 एंजियोप्लास्टी की जाती हैं, जिनमें हार्ट स्टेंट का प्रयोग होता है। इन प्रक्रियाओं पर सालाना लगभग तीन करोड़ रुपये का खर्च आता है। स्टेंट की खरीद लागत में कमी आने से कुल वार्षिक व्यय में भी महत्वपूर्ण बचत होने की उम्मीद है।
टीएमसी के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को कम कीमत पर हार्ट स्टेंट उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे एंजियोप्लास्टी का खर्च कम होगा और प्रदेश के कई जिलों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और सस्ता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
