हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो श्रद्धालु जख्मी, मणिमहेश जाने पर आज रोक

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चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने मणिमहेश जाने पर 24 अगस्त के लिए रोक लगा दी है। चंबा के हड़सर-डल झील मार्ग पर दुनाली के पास शनिवार शाम को पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो श्रद्धालु मामूली रूप से घायल हो गए। 

हिमाचल में मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार 29 अगस्त तक प्रदेश में किसी विशेष मौसम गतिविधि का पूर्वानुमान नहीं है। हालांकि 24, 28 और 29 अगस्त को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सप्ताह के बाकी दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। 

राजधानी में रविवार तड़के सुबह हुई भारी बारिश से शहर के शांति विहार वार्ड में एक एंबुलेंस सड़क धंस गई। दोपहर करीब 2:00 बजे टनल से भट्ठाकुफर क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क ढींगू बावड़ी के पास धंस गई। इसके मलबे में निचली सड़क पर खड़ी एक कार भी दब गई। अब सड़क पर आवाजाही ठप हो गई है। कांगड़ा के अधिकतर क्षेत्रों में रविवार सुबह तेज बारिश हुई। धर्मशाला में धुंध और बारिश के चलते सुबह करीब साढ़े नौ बजे अंधेरा छा गया। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे मौसम साफ हुआ और धूप खिली। 

हमीरपुर जिले में शनिवार रात और रविवार दोपहर बारिश हुई। बारिश के बाद मटमैला पानी आने से जल शक्ति विभाग की 30 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। ऊना जिले में रविवार को दिनभर हल्के बादल छाए रहे। कुल्लू में रविवार सुबह करीब तीन घंटे जमकर बारिश हुई। बारिश से सेब सीजन प्रभावित हुआ। 

बारिश के कारण बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पाए। लगातार बारिश से ब्यास नदी और सहायक नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया। बिलासपुर के सुन्हाणी-घुमारवीं वाया बरड़ संपर्क मार्ग पर रविवार सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी से अचानक बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरीं, इससे यातायात बाधित हुआ। विभाग की मशीनें दिनभर चट्टानों और मलबे को हटाने में जुटी हैं। 

प्रदेश में रविवार को सबसे अधिक 33.8 डिग्री सेल्सियस तापमान बरठी में दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में कुकुमसेरी सबसे ठंडा रहा। यहां 10.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मणिमहेश यात्रा की कल होगी समीक्षा
भरमौर क्षेत्र में बारिश को देखते हुए प्रशासन ने मणिमहेश जाने पर 24 अगस्त के लिए रोक लगा दी दी है। रविवार को भी यात्रा बंद की थी। हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर यात्रा शुरू नहीं हुई है, लेकिन रोजाना सैकडों श्रद्धालु मणिमहेश जा रहे हैं। भरमौर के उपमंडल अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि यात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर सड़क और पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने व मार्ग की स्थिति असुरक्षित होने की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि हड़सर से डल झील जाने वाले मार्ग से यात्रा न करने के निर्देश दिए हैं। मौसम एवं पैदल मार्ग की बहाली की स्थिति की 25 अगस्त को समीक्षा की जाएगी। उसके बाद परिस्थितियों के अनुरूप यात्रा पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों, संबंधित ग्राम पंचायतों तथा यात्रा से जुड़े अन्य व्यक्तियों से अनुरोध किया है कि दो दिन यात्रा न करें।

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