छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, एक महीने में आत्मसमर्पण करने के दिए आदेश

 

Himachal: Bail plea of scholarship scam accused rejected in Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल में 266 करोड़ के एससी, एसटी और ओबीसी छात्रवृति घोटाले के आरोपी हितेश गांधी, अरविंद राजटा, राजदीप और कृष्ण कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। शीर्ष कोर्ट ने सभी आरोपियों को एक महीने में आत्मसमर्पण के आदेश दिए हैं। डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने हिमाचल हाईकोर्ट में यह जानकारी दी। दरअसल, आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार उक्त आरोपियों में से हितेश गांधी ने हिमाचल हाईकोर्ट में ईडी की गिरफ्तारी को याचिका के माध्यम से चुनौती दी है।

हाईकोर्ट में न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकलपीठ मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों की ओर से जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में जो एसएलपी दायर की गई थी, उसे सुप्रीम कोर्ट ने 25 मार्च को खारिज कर दिया है। इस पर न्यायालय ने एसएलपी की कॉपी याचिका में लगाने को कहा है। अब मामले में सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। बता दें कि छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई के बाद ईडी ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

ईडी ने 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच कर ली है। केंद्र व राज्य सरकार मेधावी छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति देती है। छात्रवृति एससी, एसटी, ओबीसी के छात्र-छात्राओं के लिए होती है। हिमाचल में छात्रवृत्ति घोटाला साल 2013 में सामने आया था। शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारी संस्थानों के दलालों से मिल कर बैंक में छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी खाते खोले गए थे। पहले मामला पुलिस के पास गया और फिर वर्ष 2019 में जांच को सीबीआई को सौंपा गया। उसके बाद ईडी ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी।

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