
व्यवस्था में सुधार की ओर बढ़ रहे एनआईटी हमीरपुर में रजिस्ट्रार के इस्तीफे से संस्थागत हलचल पैदा हो गई है। इस्तीफे के पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन 13 वर्ष बाद स्थायी रजिस्ट्रार की नियुक्ति के बाद संस्थान में आंतरिक राजनीति को इसकी एक वजह माना जा रहा है। करीब डेढ़ दशक तक अस्थायी रजिस्ट्रार से एनआईटी की व्यवस्था को ढोया जा रहा था। अब फिर स्थायी रजिस्ट्रार के इस्तीफे से संस्थान में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि अभी तक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने इस इस्तीफे को मंजूर नहीं किया है।
चर्चा यह भी है कि रजिस्ट्रार के इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया जाएगा, हालांकि इस पर अभी संशय बना हुआ है। बीते वर्ष ही डॉ़ अर्चना ने कार्यभार संभाला था। उन्होंने संस्थान में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करवाया। इसके अलावा वास्तुकला विभाग को काउंसिल से मंजूरी दिलवाई। यह एनआईटी से जुड़े मसले थे, जो कई सालों से अटके हुए थे। इसके अलावा विद्यार्थियों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए बड़े प्रयास हुए हैं। मनोचिकित्सक, योगा इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति भी संस्थान में हुई है। एनआईटी की एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इस इस्तीफे की खबर में फिर संस्थान में हलचल पैदा कर दी है।
रजिस्ट्रार की ओर से पारिवारिक कारणों से इस्तीफा दिया गया है। इस इस्तीफे को मंजूर नहीं किया गया है। वह फिलहाल अपने पद पर सेवाएं देती रहेंगी। जल्द ही इस विषय पर फैसला लिया जाएगा। –डॉ. एचएम सूर्यवंशी निदेशक एनआईटी हमीरपुर
पारिवारिक कारणों के चलते इस्तीफा दिया है। इसके लिए एक महीने का समय दिया है। यदि पारिवारिक परिस्थितियों में सुधार होता है तो सेवाएं सुचारू रखने पर विचार कर सकती हूं।