
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर 20 करोड़ रुपये की लोन धोखाधड़ी मामले में बैंक के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पर भी जांच की आंच पहुंच गई है। विजिलेंस की ओर से इन्हें भी लोन धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी चल रही है।
दरअसल भाजपा सरकार के कार्यकाल में लोन का आवंटन हुआ है। अभी मामले में बैंक अधिकारियों और आरोपी युद्ध सिंह बैंस से पूछताछ चल रही है। पूछताछ में जांच को आगे बढ़ाने के लिए विजिलेंस को कई अहम सबूत मिले हैं। ऐसे में बैंक के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक को विजिलेंस कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाने पर विचार-विमर्श चल रहा है। विजिलेंस ब्यूरो में बैंक अधिकारियों से पूछताछ चल रही है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी के खिलाफ विजिलेंस की ओर से दर्ज मामले की जानकारी नाबार्ड, इनकम टैक्स, आरबीआई को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि मैसर्स हिमालय स्नो विलेज और होटल लेक पैलेस के मालिक बैंस पर आरोप है कि उसने बैंक स्टाफ से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से लोन ले लिया।
सांच को आंच नहीं : भारद्वाज
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि सांच को आंच नहीं है। जब बुलाएंगे तो बात करेंगे। जब जरूरत होगी तो जवाब देंगे।