अंतरराज्यीय ऑनलाइन नशा तस्कर नेटवर्क का भंडाफोड़, सरगना समेत 10 सदस्य गिरफ्तार

Inter-state online drug smuggling network busted, 10 members including the kingpin arrested

हिमाचल समेत उत्तर भारत के पांच राज्यों में चिट्टा तस्करी का सिंडीकेट (व्यवसाय) चलाने वाले संदीप शाह गिरोह का शिमला पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना संदीप शाह को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया है।

पुलिस एयरलिफ्ट करके आरोपी को शिमला लेकर आई है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए यहां पर नाम बदलकर रह रहा था। मुख्य सरगना के साथ पुलिस ने 10 लोगों को पकड़ा है। इसमें इसका मुख्य साथी नीरज कश्यप भी शामिल है जिसे पश्चिम दिल्ली के महरोली से गिरफ्तार किया गया। गिरोह ऑनलाइन पेमेंट खातों में करता था और फिर वीडियो भेजकर खरीदार को लोकेशन भेजकर नशा सप्लाई करता था। इसमें दिल्ली में कॉलेज और अन्य संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों का भी इस्तेमाल किया जाता था।

अभी तक की जांच में संदीप शाह और नीरज कश्यप के एक बैंक खाते में चिट्टा तस्करी के करीब 1.2 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है। पुलिस अन्य बैंक खातों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने सरगना समेत चिट्टा तस्करी से जुड़े पैडलर (किसी कार्य को नियंत्रित करने वाले) के करीब 21 बैंक खाते सीज कर दिए हैं जोकि करीब 19 लोगों से जुड़े हैं। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह से शिमला में ही करीब 200 लोग जुड़े हैं जिसमें 70 लोगों का सरगना से संपर्क था।

शहर में पकड़े पैडलर ने उगला शाह का नाम
जिला शिमला में हजारों नशा तस्करों को पकड़ने के बावजूद नशा सप्लाई की चेन टूटने का नाम नहीं ले रही थी। इसमें खास बात यह थी कि जो युवक नशे के साथ पकड़े जाते थे, वह इतना बताते थे कि उन्हें ऑनलाइन दिल्ली से नशा लाने के लिए कहा था और यहां बताई गई लोकेशन पर छोड़ने के लिए कहा था। इसमें दिल्ली में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्र भी शामिल थे। इनमें से कोई भी आरोपी संदीप शाह को नहीं जानता था सिर्फ ऑनलाइन ही उन्हें नशे की सप्लाई के ऑर्डर मिलते थे। ऐसे में पुलिस को नशे के इस नेटवर्क के बारे में सुबूत तलाश में कई मुश्किलें आ रही थीं। 14 अगस्त 2024 को सदर पुलिस ने पुराना बस स्टैंड में रोहित पांडे और सूरज नाम के शख्स को 6.38 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में एक बार फिर संदीप शाह का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया तो 14 नवंबर 2024 को जुगल किशोर, जतिंद्र वर्मा और 4 अक्तूबर को आस्तिक चौहान को पुलिस ने पकड़ा। इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को संदीप शाह के बारे में पुख्ता जानकारी मिली। पता चला कि कैसे सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म के जरिये नशा तस्करी का नेटवर्क चलाया जा रहा है। पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन तथा एंडवास साइबर टूल की मदद से सरगना के बारे में जानकारी हासिल करके उसे गिरफ्तार किया है।

यह आरोपी किए गिरफ्तार
संदीप शाह गिरोह के मामले में पकड़े गए आरोपियों में शुभम शांडिल और संदीप धीमान शिमला के रझाणा, संजय वर्मा चमयाणा शिमला, विशाल मेहता लोअर खलीनी, आशीष कोटखाई, प्रज्जवल जस्टा पनोग शिमला, नीति खेपन ढडवारी निवासी डोडरा क्वार शिमला और अभिनव कंवर ठियोग शिमला शामिल हैं।

शिमला पुलिस ने मिशन भरोसा के तहत उत्तर भारत में सालों से नशा तस्करी का नेटवर्क चलाने वाले संदीप शाह गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसमें सरगना समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने तकनीकी मदद और कोलकाता पुलिस की सहायता इसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। आने वाले दिनों में इस गिरोह के कई लोग गिरफ्तार होंगे-

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