
नए सीजन से पहले किसान-बागवानों को झटका लग गया है। हिमफेड की ओर से किसान-बागवानों को दी जाने वाली एनपीके(12-32-16) खाद महंगे दामों पर उपलब्ध होगी। इस बार किसानों-बागवानों को 50 किलो की बोरी के 250 रुपये अधिक चुकाने होंगे। पहले 50 किलो की बोरी 1470 रुपये में मिलती थी। अब इसके 1720 रुपये चुकाने होंगे। इस उर्वरक की अधिकतर मांग सेब बहुल क्षेत्रों में होती है। इसमें नाइट्रोजन (12%), फास्फोरस(32%) और पोटैशियम (16%) की मात्रा होती है।
यह उर्वरक सेब के बगीचों में मिट्टी में फॉस्फोरस और पोटैशियम की मात्रा को ठीक करता है। हिमफेड के स्टोरों में अभी नए उर्वरक की सप्लाई नहीं पहुंची है। स्टोरों में अभी पुराने 12-32-16 उर्वरक का स्टॉक माैजूद है, जो पुराने दामों पर ही मिलेगा। इस वर्ष से एनपीके 16-16-16 के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि कैल्शियम नाइट्रेट प्लेन और बोरोनेटेड उर्वरक के दामों में गिरावट आई है। हिमफेड की ओर से प्रदेशभर में 84 स्टोर स्थापित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 23 स्टोर जिला शिमला में हैं। शिमला, कुल्लू और किन्नौर के इलाकों में ज्यादातर एनपीके 12-32-16 और एनपीके 16-16-16 की मांग रहती है, क्योंकि यहां सेब की पैदावार अधिक होती है।