
जिला से राज्य कैडर किए जाने के विरोध में पटवारियों और कानूनगो 28 तारीख से पैन डाउन स्ट्राइक पर जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त पटवारियों और राजस्व विभाग में तैनात कर्मचारियों को फील्ड में भेजने का विकल्प तलाशा है। इसके साथ ही विभाग में पटवारी और कानूनगो के 800 के करीब रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हड़ताल पर जाने वाले पटवारी और कानूनगो के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। लोगों को सेवाएं न देने पर उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। यही नहीं हड़ताल को सर्विस में भी शामिल किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने साफ कहा है कि सरकारी कर्मचारी की कहीं भी सेवाएं ली जा सकती हैं। स्टेट कैडर का निर्णय वापस नहीं होगा।
नाराज पटवारी और कानूनगो सामूहिक अवकाश पर हैं। 28 से मुहाल पटवारी और कानूनगो पेन डाउन हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल के कारण लोगों के हिमाचली प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, कृषक प्रमाणपत्र और ईडब्लूएस सहित जमीनों की रजिस्ट्रियां, इंतकाल और ऋण संबंधी कार्य प्रभावित होंगे। प्रदेश में पटवारी और कानूनगो ने स्टेट काडर और अन्य मांगों को लेकर ऑनलाइन काम बंद कर दिया है। इससे प्रदेश के जनता रोजाना परेशान हो रही है। महासंघ ने यह भी चेतावनी दी है कि पटवारी और कानूनगो अतिरिक्त कार्यभार देख रहे सर्किल की चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे। सरकार की ओर से कर्मचारियों को ऑनलाइन काम सुचारू रखने की सलाह दी गई है।
महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा है कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया है। पहले भी पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर चले गए थे। उस समय यह आश्वासन के बाद हड़ताल टाली गई कि उनकी मांगें पूरी होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि 28 से पैन डाउन हड़ताल की जा रही है।
स्टेट कैडर का निर्णय नहीं होगा वापस : नेगी
हड़ताल पर जाने वाले पटवारी और कानूनगो पर कार्रवाई होगी। सरकार विकल्प तलाश रही है। स्टेट कैडर का निर्णय किसी भी सूरत में वापस नहीं होगा।