मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- राजस्व के दोनों संशोधित विधेयकों से एक हजार करोड़ तक आय

Himachal News CM Sukhu said Both the amended revenue bills will generate income up to Rs 1000 crore

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा भू राजस्व संशोधित विधेयक और भारतीय स्टांप हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक से हिमाचल को एक साल में एक हजार करोड़ की आय होगी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने दोनों संशोधित विधेयक पेश किया गया। विधानसभा में यह दोनों बिलों को मंजूरी दी गई।

भू राजस्व संशोधित विधेयक में हिमाचल में किसी भी परियोजना में गैर कृषि इस्तेमाल के लिए की गई निजी जमीन को उसके उपयोग को बदलने पर अब राज्य सरकार भू राजस्व वसूलेगी। संशोधित विधेयक में हिमाचल प्रदेश में प्रोजेक्टों को 2 फीसदी पर्यावरण उपकर चुकाना होगा। तय समय पर उपकर नहीं चुकाया तो संचित राशि पर एक फीसदी ब्याज भी चुकाना होगा। प्रदेश में प्रोजेक्टों पर लगने वाला पर्यावरण उपकर सरकार की आय का एक नया जरिया होगा। एक बीघा निजी कृषि योग्य जमीन पर 1 रुपये प्रति बीघा हर 6 माह बाद लिया जाता है। इसे 1954 के बाद पहली बार बढ़ाया जा रहा है। गैर कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रही जमीन का प्रावधान एक्ट में पहले ही था। अब इसमें किसी परियोजना या अन्य किसी लक्ष्य के लिए दी गई जमीन को भी जोड़ लिया है।

धार्मिक संस्थाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट का भी प्रावधान : नेगी
हिमाचल प्रदेश में धारा 118 के हिमाचल में जमीन खरीदना महंगा होगा। उद्योग और अन्य व्यावसायिक उपयोग के लिए जमीन अब महंगी मिलेगी। भारतीय स्टांप हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2025 को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रस्तुत किया। धारा 118 के तहत स्टांप शुल्क अब 6 फीसदी के बजाए अब 12 फीसदी देना होगा। जिसे लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने बहुत अधिक होने कही बात कही। कुछ ने इसे सिलेक्ट कमेटी को भेजने को कहा। जगत सिंह नेगी ने बताया कि सरकार को सोसाइटी, धार्मिक संस्थाओं के लिए पहले ही नियमों छूट देने का प्रावधान किया है। इन संस्थाओं के लिए स्टांप ड्यूटी को 12 फीसदी से कम किया जा सकता है।

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