
सदन में वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी के साथ विधायकों ने झंडी की मांग कर डाली। तर्क दिया कि मुख्य सचिव, सचिव, डीसी, एसपी को झंडी दी गई तो विधायकों को क्यों नहीं। इसके साथ ही यह भी मांग कर ली कि मुख्य सचिव से उनका वेतनमान अधिक हो, चाहे एक रुपये ऊपर ही दो। भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि प्रोटोकॉल में जनता विधायकों को मुख्य सचिव से ऊपर मानती है। ऐसे में विधायकों की सैलरी मुख्य सचिव से ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने विधायकों को मिलने वाले सरकारी आवास का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मेट्रोपोल में दो कमरे दिए गए हैं जबकि अधिकारियों का टाइप फाइल कमरे मिले हैं। उन्होंने विधायकों को झंडी मिलने की भी बात कही।
संशोधित विधेयक पारित होने से पहले सुक्खू ने कहा कि सरकार ने 20 हजार रुपये टेलीफोन भत्ते के अलावा बिजली और पानी बिल भत्ता खत्म किया, वेतन वृद्धि 25 से 30 हजार रुपये के लगभग हुई। भविष्य में विधायकों का वेतन प्राइस इंडेक्स के अनुसार बढ़ाया जाएगा। विधायकों को अब केवल विधानसभा क्षेत्र और कार्यालय भत्ते ही मिलेंगे। पूर्व विधायकों का टेलीफोन भत्ता भी खत्म किया गया है।
उन्होंने कहा कि विधायक हर महीने 25000 इनकम टैक्स देते है। अगर देखा जाए तो विधायकों को 1.60 लाख ही मिलते हैं। विधायकों को लोन लेना पड़ता है। हिमाचल में पूर्व विधायकों ने जमीन के लिए लोन लिया है लेकिन कई की जमीनें कुर्क होने की नौबत आ चुकी है। उन्होंने कहा कि विधायक संरक्षक है। वह अपना ईमान न बेचें। पारदर्शिता से काम करें। 9 साल बाद विधायकों के पेंशन और भत्ते बढ़ाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने की वेतन और भत्तों बढ़ाने की सराहना
नेता प्रतिपक्ष जयराम ने विधायक वेतन और भत्ते की बढ़ोतरी करने का फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में 27 साल पूरे हो चुके हैं। पहली बार जब विधायक बना तो साढ़े 8 हजार मिलते थे। मारुति कार ली, इसके लिए चार लाख का लोन लिया। गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ, लेकिन जिस वैन के साथ हुआ था उसने पैसे मांगे। लेकिन पैसे देने को नहीं थे। कई राज्यों में वेतन भत्तों की बढ़ोतरी हुई है।
पारिवारिक जिम्मेवारियां बढ़ी हैं : हर्षवर्धन
संसदीय कार्यमंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि विधायकों के वेतन और भत्ते वर्ष 2017 में बढ़े थे। महंगाई कहां से कहां तक पहुंच गई है। सामाजिक और पारिवारिक की भी जिम्मेवारियां हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कब्बडी और अन्य खोले में मुख्य अतिथि जाने पर पैसे देने पड़ते हैं। कांग्रेस और भाजपा के विधायकों ने सीएम पर दबाव डाला। उन्होंने कहा कि विधायकों को झंडी दी जाएं ताकि यहां से यह सब झंडी लेकर जाएं।
9 साल की तपस्या हुई पूरी
भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि 9 साल बाद तपस्या पूरी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने पीछे से लेकर एरियर की भी मांग की।
पत्नी से मांगने पड़ते थे पैसे : संजय रतन
विधायक संजय रत्तन ने कहा कि वर्ष 2012 में विधायक बना। 70 हजार रुपये मिलते थे। वह मेरा खर्चा हो जाता था। तिरुपति मंदिर गए। पत्नी से पैसे लिए। उस समय वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री होते थे। 2014 में भत्ते बढ़े। पीएम मोदी ने सांसदों के वेतन भत्तों में 24 फीसदी की बढ़ोतरी की है। उन्होंने एरियर की भी बात की। राकेश कालिया, हंसराज ने भी इस फैसले का स्वागत किया।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्तों में भी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा सदन में विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्तों में के संशोधित विधेयक का बिल पेश किया। इसे भी सत्ता पक्ष और विपक्ष एकजुट दिखे। इसे भी ध्वनिमत से पारित किया गया।