हिमाचल में 24 फीसदी बढ़ा मंत्रियों-विधायकों का वेतन, बिजली-पानी व टेलीफोन भत्ता नहीं मिलेगा

धायकों के वेतन-भत्ते बढ़ गए हैं। इसमें करीब 24 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। बजट सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने एक सुर में हां में हां मिलाई और वेतन-भत्तों में वृद्धि से संबंधित तीन विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि, मंत्री-विधायकों को अब बिजली-पानी और टेलीफोन भत्ता नहीं मिलेगा। सरकार ने इसे बंद कर दिया है। यानी अब बिजली, पानी और टेलीफोन के बिल मंत्री-विधायकों को खुद चुकाने होंगे।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंत्री-विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी से संबंधित तीन विधेयक सदन में रखे। इन विधेयकों को सदन में रखा जाना कार्यसूची में पहले से शामिल नहीं था। इन्हें अनुपूरक एजेंडे के रूप में लाया गया। वेतन-भत्तों लगभग 24 फीसदी बढ़ोतरी के बाद अब विधायक को करीब 2.62 लाख रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। कैबिनेट मंत्री को मासिक लगभग 2.90 लाख, विधानसभा अध्यक्ष को भी कैबिनेट मंत्री से थोड़ा सा अधिक और विधानसभा उपाध्यक्ष को लगभग 2.80 लाख रुपये वेतन मिलेगा। इसी तरह मुख्यमंत्री को वेतन व भत्ते के रूप में लगभग तीन लाख रुपये प्रति माह देय होंगे।

इसके अलावा पूर्व विधायकों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। पूर्व विधायकों को वर्तमान में करीब 80 हजार से 90 हजार रुपये के बीच पेंशन मिलती है। यह एक लाख से 1.10 लाख रुपये तक पेंशन मिलेगी। विधानसभा में सदस्यों ने कहा कि इससे पूर्व वेतन-भत्तों को वर्ष 2016 में बढ़ाया गया था। शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस बढ़ोतरी के लिए एकजुट दिखे। वेतन में मूल वेतन, महंगाई भत्ता, सत्कार भत्ता, प्रतिपूरक जैसे भत्ते शामिल हैं।

इतना बढ़ा मूल वेतन और सत्कार भत्ता
मूल वेतन की बात करें तो मुख्यमंत्री को यह 1,15,000 रुपये मिलेगा, जबकि सत्कार भत्ता 1,50,000 रुपये दिया जाएगा। कैबिनेट मंत्री को 95,000 रुपये मूल वेतन, 1,50,000 रुपये सत्कार भत्ता दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष को 95,000 रुपये मूल वेतन, 1,50,000 सत्कार भत्ता, विधानसभा उपाध्यक्ष को 92,000 रुपये मूल वेतन और 1,50,000 रुपये सत्कार भत्ता देंगे। इसके अलावा प्रतिपूरक और अन्य भत्तों को जोड़कर वेतन-भत्तों का हिसाब लगाया जाता है।

पद   पहले लगभग अब लगभग
मुख्यमंत्री2,65,000 लगभग तीन लाख
मंत्री2,55,000   2.90 लाख
विधायक2,10,0002.62 लाख
विधानसभा अध्यक्ष2,55,000  2.90 लाख
विधानसभा उपाध्यक्ष2,49,000  2.80 लाख

पूर्व विधायक पेंशन 80000 से 90,000 1,00,000 से 1,10,000

अभी तक इतना था मूल वेतन और सत्कार भत्ता

मुख्यमंत्री का वेतन95,000
सत्कार भत्ता95,000
कैबिनेट मंत्री का वेतन80,000
सत्कार भत्ता95,000
विधायक का मूल वेतन55,000
कार्यालय भत्ता 30 हजार रुपये
निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 90 हजार रुपये
विधानसभा अध्यक्ष का वेतन 80,000 रुपये
सत्कार भत्ता 95,000 रुपये
विधानसभा उपाध्यक्ष का वेतन75,000 रुपये
सत्कार भत्ता  95,000 रुपये

पांच साल में खुद ही बढ़ते रहेंगे मंत्रियों, विधायकों के वेतन-भत्ते…
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों के वेतन व भत्ते हर पांच वर्ष के बाद बढ़ाए जाएंगे। यह व्यवस्था वर्ष 2030 से लागू होगी। इसके लिए विधेयक में संशोधन किया गया है।

विधायकों के मूल वेतन के साथ निर्वाचन क्षेत्र और कार्यालय भत्ते भी बढ़ाए
विधायकों के मूल वेतन के साथ निर्वाचन क्षेत्र और कार्यालय भत्ते भी बढ़ाए गए हैं। प्रत्येक विधायक को एक लाख 20 हजार रुपये की दर से निर्वाचन क्षेत्र भत्ता दिया जाएगा, जबकि 90 हजार रुपये प्रति महीने की दर से कार्यालय भत्ता दिया जाएगा।

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