
हिमाचल प्रदेश के कई अधिकारी विदेश दौरे में मुख्यमंत्री और मंत्रियों से भी ज्यादा खर्च कर गए। यह खुलासा विधायक सुधीर शर्मा और सुरेंद्र शौरी के प्रश्न के लिखित उत्तर के रूप में सदन के पटल पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से रखा गया। हालांकि, कुछ अधिकारी सरकार के कुछ हजार रुपये खर्च कर ही अमेरिका जैसे देश घूम गए। जिन अधिकारियों का रिकॉर्ड में बहुत कम खर्च है, उनमें विवादों में चल रहे अधिकारी हरिकेश मीणा भी शामिल हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बाबूराम शर्मा ने 200 अध्यापकों के साथ स्टार प्रोजेक्ट में सिंगापुर दौरे पर 6.05 करोड़ रुपये व्यय किए। एचपीएचडीपी में बागवानी विशेषज्ञों और अधिकारियों डॉ. धर्मपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह नेगी, जगदीश चंद शर्मा के एचएचडीपी में अमेरिका के दौरे पर 18.98 लाख, नौणी विवि की डॉ. किरण राणा, डॉ. मीना ठाकुर के दक्षिण कोरिया दौरे पर 6.98 लाख रुपये व्यय किए। शिवाली ठाकुर, मीनाक्षी शर्मा, सुदर्शना नेगी, डॉ. अंजना जस्टा, डॉ. रंजना गुप्ता, डॉ. अर्चना चौहान, रीना कश्यप, मीरा देवी, रंजन शर्मा, समीर सिंह राणा, रूपेश कुमार, शमशेर सिंह, डॉ. प्रबल कुमारी चौहान, डॉ. नीना चौहान, डॉ. दलीप सिंह, हितेंद्र पटियाल, अश्वनी सिंह चौहान, प्रवेश शर्मा, संजय कुमार चौहान, कुशाल सिंह, सुरेश कुमार नेगी, पंकज मोहन, मनमोहन सिंह, तरूण सिंह, डॉ. उषा देवी, राज कुमारी, डॉ. देवेंद्र अत्री, रितेश शर्मा, शरद कुमार और जगदीश चंद शर्मा के सर्बिया दौरे पर 97.20 लाख रुपये व्यय हुए।
एचपीएचडीपी में ही सचिव बागवानी सी. पॉलरासू और बागवानी विकास परियोजना के निदेशक सुदेश कुमार मोख्टा यूरोप, बर्लिन और नीदरलैंड गए और इन्होंने 17.73 लाख रुपये व्यय किए। एचपी शिवा परियोजना में आस्ट्रेलिया गए कदम संदीप वसंत, शकुन राणा और रमल कुमार पर 14.16 लाख रुपये व्यय किए गए। एचपी शिवा परियोजना मेंनीदरलैंड गए कमलशील नेगी, राजीव टेगटा, अनिल कुमार, सरिता शर्मा, राज कुमारी नेगी और संतोष मेहता पर 25.46 लाख रुपये व्यय हुए। सचिव डीडीटीजी डॉ. अभिषेक जैन अमेरिका के दौरे पर गए। इस पर 8.88 लाख रुपये व्यय किए गए।
हिपा की महानिदेशक निशा सिंह जर्मनी गईं और इस दौरे पर 6,85,369 रुपये व्यय किए। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, ब्यास वैली पॉवर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक इंजीनियर देवेंद्र सिंह और महाप्रबंधक डिजाइन इंजीनियर रामकृष्ण, इंजीनियर राजेंद्र सिंह जम्वाल, संजीव धीमान चीन गए और इनका खर्च 7.18 लाख रुपये आया। एचपीपीसीएस के इंजीनियर आरके कौंडल चीन गए और उनका खर्च 2,58,057 रुपये आया। विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष डीके शर्मा स्वीडन गए और उन्होंने 6.54 लाख रुपये व्यय किए। सचिव राकेश कंवर डेनमार्क दौरे पर गए। उन्होंने 1,09,063 रुपये खर्च किए।
सीएम और छह अन्य का दुबई दौरे का 11.73 लाख खर्च, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों का उनसे ज्यादा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दुबई के दौरे पर गए। उनके साथ एचपीटीडीसी के उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार, प्रधान सचिव भरत खेड़ा, देवेश कुमार, निदेशक पर्यटन मानसी सहाय ठाकुर, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन ठाकुर और मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया भी साथ गए। उनके इस दौरे का खर्च 11.73 लाख रुपये आया।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तत्कालीन मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर के साथ ऑस्टिया गए और 18.86 लाख रुपये व्यय किए गए। इसी तरह बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 16.20 लाख रुपये खर्च हुए। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चाैहान, विधायक चंद्रशेखर, प्रधान सचिव आरडी नजीम, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति और अतिरिक्त निदेशक उद्योग तिलक राज शर्मा के दुबई दौरे पर 18.42 लाख रुपये व्यय किए। राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण कुमार ब्राजील गए और 4.39 लाख रुपये खर्च किए।
हरिकेश मीणा अमेरिका गए, 46,053 रुपये खर्चे, रोहन ने दुबई दौरे पर खर्च किए 5,847 रुपये
ऊर्जा निदेशक रहे हरिकेश मीणा अमेरिका गए और उनका खर्च 46,053 रुपये आया। क्षेत्रीय न्यायालिक विज्ञान प्रयोगशाला की उपनिदेशक डॉ. मीनाक्षी महाजन मलयेशिया गईं, जहां 75,207 रुपये व्यय किए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग के दुबई दौरे पर 7,062 रुपये, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर दुबई गए और उन्होंने 5,847 रुपये व्यय किए। रोहन चंद सिडनी भी गए और इस दौरे पर उन्होंने 8,292 रुपये व्यय किए।