
पालमपुर स्थित ट्यूलिप गार्डन 1 अप्रैल से आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। इस बार गार्डन को करीब एक लाख लोगों ने निहारा, जो एक नया रिकॉर्ड है।
पालमपुर स्थित ट्यूलिप गार्डन 1 अप्रैल से आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। इस बार गार्डन को करीब एक लाख लोगों ने निहारा, जो एक नया रिकॉर्ड है। 34 दिनों तक ट्यूलिप के रंग-बिरंगे फूलों ने पर्यटकों को आकर्षित किया। हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा विकसित यह गार्डन 26 फरवरी को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा वर्चुअल रूप से उद्घाटित किया गया था।
भारत में कश्मीर के बाद यह देश का दूसरा ट्यूलिप गार्डन है, जो पालमपुर में स्थापित किया गया है। वर्ष 2022 में इस गार्डन का निर्माण हुआ था और उसी वर्ष दिल्ली नगर निगम के ट्यूलिप महोत्सव में भी इस गार्डन ने अपनी छाप छोड़ी थी। गार्डन में 1000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 7 प्रकार के ट्यूलिप के 50000 पौधे लगाए गए थे।
पालमपुर के इस गार्डन में ट्यूलिप के फूलों का खिलने का समय फरवरी के अंत और मार्च में होता है, जबकि कश्मीर में ट्यूलिप गार्डन अप्रैल में खिलता है। 2023 में लगभग 70000 पर्यटकों ने गार्डन का दौरा किया था, जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 80000 के करीब पहुंच गया था।