
भले ही महिला क्रिकेट टीम में सुंदरनगर की नीना चौधरी का चयन नहीं हो पाया हो, लेकिन हिमाचल नेशनल के 95 मुकाबलों में वह 2600 रन बनाने वाली प्रदेश की इकलौती महिला खिलाड़ी हैं। बचपन में गांव के खेतों में बल्ला घुमाना सीखने वाली नीना 2017 में इंडिया ए टीम से बांग्लादेश के खिलाफ दो मुकाबले खेल चुकी हैं। महिला टी-20 वर्ल्ड कप की 25 सदस्यीय टीम में भी शामिल थीं। इन दिनों ऊना में टी-20 मैचों के लिए प्रदेश की टीम के साथ पसीना बहा रही हैं।नीना को अगले साल वुमन आईपीएल में चयनित होने की उम्मीद है। वह भारतीय महिला टीम की खिलाड़ी रेणुका ठाकुर और तनुजा कंवर के साथ कई मुकाबले खेल चुकी हैं।
नीना जब चौथी कक्षा में थी तब घरवालों ने उसकी प्रतिभा को देख उसे सुंदरनगर क्रिकेट अकादमी भेजा। वहां कोच रविकांत से क्रिकेट के गुर सीखे। जुगाहन पंचायत में सेवानिवृत्त फौजी पिता मस्त राम और मां कांता देवी के घर जन्मी नीना ने हिमाचल की टीम में 2008 से खेलना शुरू किया था। वर्ष 2022 में प्रदेश की टीम का नेतृत्व भी कर चुकी हैं। हर साल नीना नॉर्थ जोन के लिए चयनित होती आई हैं। नीना बताती हैं कि मुझे नहीं पता था कि लड़कियां भी क्रिकेट खेलती हैं। मैं ज्यादातर समय घर के आसपास लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं। 2008 में धर्मशाला में लड़कियों के लिए क्रिकेट ट्रायल के बारे में सुना और तब से मेरे लिए चीजें बदल गईं। एचपीसीए के ट्रायल में हिस्सा लिया और महिला सीनियर और अंडर-19 (2008-10) दोनों टीमों के लिए चुनी गईं।
देश के लिए खेलना लक्ष्य
नीना बताती हैं कि वह सुबह 6 बजे उठती हैं। क्रिकेट के लिए फिटनेस और प्रशिक्षण जरूरी है। लक्ष्य भारतीय क्रिकेट टीम में देश के लिए खेलना है। नीना ने 2016-17 में 7 पारियों में 348 रन बनाए थे। उनका पहला शतक (छत्तीसगढ़ के खिलाफ 103) शामिल था। तब वह घरेलू वन-डे बल्लेबाजी चार्ट में शीर्ष पर थीं। उत्तर प्रदेश के खिलाफ फाइनल में 124 गेंदों पर 77 रन बनाए थे। हाल में उन्होंने ऊना में 217 रनों की पारी खेली थी।
पिता मस्त राम रह चुके हैं रेसलिंग और बॉक्सिंग के बेहतर खिलाड़ी
नीना के परिवार का खेलों से गहरा नाता है। पिता सेवानिवृत्त फौजी मस्त राम रेसलिंग और बॉक्सिंग के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। पिता के मामा के लड़के धनोटू निवासी शिव चौधरी बॉक्सिंग खिलाड़ी रहे हैं। वर्तमान में बतौर एएसपी बिलासपुर सेवाएं दे रहे हैं। दूसरे डीएसपी बिलासपुर मनीष चौधरी भी बॉक्सिंग खिलाड़ी रहे हैं। जोनी चौधरी पहलवान हैं और विजिलेंस में हैं। परिवार से निकला एक भाई आशीष चौधरी बॉक्सिंग में ओलंपिक गेम्स में अपना परचम लहरा चुका है। एक अन्य आयुष चौधरी अंडर-19 क्रिकेट टीम से खेलता है।